नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कांग्रेस पार्टी के भीतर वैसे तो राहुल गांधी के विकल्प के तौर पर कोई ऐसा नाम नहीं उभर रहा जिस पर सर्वसम्मति बन सके। खुलकर यह बातें कही भी जा रही हैं। लेकिन शनिवार को एक कार्यक्रम में कांग्रेस के ही दो मुख्यमंत्रियों- कैप्टन अमरिंदर सिंह और भूपेश बघेल का रुख अलग-अलग था। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल ने न सिर्फ राहुल को फिर से अध्यक्षता दिए जाने की वकालत की, बल्कि यह भी कहा कि वही भविष्य के नेता हैं। जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर ने इसे कांग्रेस कार्यसमिति पर छोड़ दिया।

दो कांग्रेस मुख्‍यमंत्रियों ने दिए अलग-अलग जवाब

दरअसल, कार्यक्रम में दोनों से एक ही सवाल किया गया था- सोनिया गांधी कहती हैं कि वह अंतरिम अध्यक्ष हैं। आप किसे भावी अध्यक्ष के तौर पर देखते हैं? कैप्टन ने कहा- मैं अपनी कोई राय रखूं, यह ठीक नहीं होगा। पार्टी कार्यसमिति इसका निर्णय लेगी, जिसके पास इसका अधिकार है। जबकि भूपेश ने राहुल का नाम लेते हुए कहा कि उनमें ही सीधा-सपाट बोलने और जनता की समस्याओं को रखने की हिम्मत है। इसके साथ ही उनमें जिम्मेदारी लेने की भी हिम्मत है।

लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने हार की जिम्मेदारी ली और इस्तीफे पर अड़े रहे। हालांकि उन्हें इस दौरान मनाने की काफी कोशिश हुई। वैसे कैप्टन कांग्रेस के उन नेताओं में हैं, जो राहुल के इस्तीफे के वक्त से ही कहते रहे हैं कि कांग्रेस को युवा नेतृत्व चाहिए ताकि देश के युवा पार्टी से जुड़ सकें।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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