नई दिल्ली, आइएएनएस/एएनआइ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अपने इस्तीफे की पेशकश पर अड़े रहने से पार्टी का वर्तमान संकट खत्म होता दिखाई नहीं दे रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने उनकी जगह अध्यक्ष की कुर्सी संभालने से इन्कार कर दिया है। वहीं, महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभालने का प्रस्ताव विनम्रता से ठुकरा दिया है।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि अहमद पटेल और गुलाम नबी आजाद को कांग्रेस का नेतृत्व करने के लिए गांधी परिवार से बाहर का व्यक्ति तलाशने का जिम्मा सौंपा गया है। इस संबंध में जब उन्होंने एके एंटनी से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उनके मन में गांधी परिवार के लिए बेहद सम्मान है, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वह अध्यक्ष का पद संभालने में असमर्थ हैं। इसी तरह कर्नाटक मामलों के प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल को कार्यकारी अध्यक्ष पद का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने की दूसरी भूमिका में व्यस्त हैं।

बता दें कि कर्नाटक में जदएस के साथ सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में राज्य की 28 में से सिर्फ एक सीट हासिल हुई है। जबकि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में 225 सीटों में से कांग्रेस को 78 सीटें मिली थीं। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस नेता अब नेतृत्व के लिए किसी उत्तर भारतीय चेहरे की तलाश में जुट गए हैं। पार्टी प्रेसिडियम सिस्टम के साथ-साथ कई कार्यकारी अध्यक्षों की व्यवस्था के विकल्प पर भी विचार कर रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष कार्यालय के बजाय एआइसीसी से दी गई मंजूरी

महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल की नियुक्तियों को मंजूरी शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) की ओर से दी गई। इस आशय का पत्र एआइसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से जारी किया गया। सामान्यत: ऐसी नियुक्तियों की मंजूरी का पत्र कांग्रेस अध्यक्ष कार्यालय से जारी किया जाता है। इससे माना जा रहा है कि राहुल अभी भी अपने फैसले पर अडिग हैं। लेकिन इस बीच, कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष बने रहेंगे।

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Posted By: Nitin Arora

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