बेंगलुरु, एएनआइ। कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर बहस छिड़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की टिप्पणी के बाद प्रदेश के पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने कहा है कि अगर आरएसएस न होता तो देश दूसरा पाकिस्तान बन गया होता। प्रेट्र के अनुसार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने कहा है कि कुमारस्वामी को संघ की शाखा में जाकर देशभक्ति से जुड़ी बातें सीखनी चाहिए। मंत्री चौहान ने कहा, आरएसएस एक राष्ट्रभक्त संगठन है, जो देश की रक्षा कर रहा है। इसलिए देशवासियों को किसी अन्य देश या ताकत से डरने की जरूरत नहीं है।

आरएसएस की नीतियों के अनुसार काम कर रहे हैं चार हजार आइएएस और आइपीएस अधिकारी

उन्होंने यह भी कहा कि कुमारस्वामी की पार्टी जनता दल (एस) ने किस तरह से देश को चलाया और देश के लिए उसका क्या योगदान है, इसे सब जानते हैं, इसलिए आरएसएस के बारे में उन्हें सोच-समझकर बोलना चाहिए। मंगलवार को कुमारस्वामी ने कहा था कि आरएसएस ने देश के चार हजार आइएएस और आइपीएस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। अब ये लोग आरएसएस की नीतियों के अनुसार कार्य कर रहे हैं। लेकिन अब उन्होंने सफाई दी है कि कोविड महामारी से बचाव के लिए लगे लाकडाउन के दौरान उन्होंने किसी किताब में यह बात पढ़ी थी। उन्होंने (कुमारस्वामी ने) अपनी ओर से किसी पार्टी या संगठन का नाम नहीं लिया है।

आरएसएस की वजह से चुनाव हारा : खड़गे

चर्चा के बीच राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि आरएसएस ने शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में काफी भीतर तक घुसपैठ कर रखी है। उन्होंने इस संगठन के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है। इसका खामियाजा उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ा और उन्हें साजिश के तहत गुलबर्गा सीट पर हराया गया।

 

Edited By: Arun Kumar Singh