नई दिल्ली, एएनआइ / प्रेट्र। संसद के बजट सत्र की शुरुआत जबकि सोमवार से होने जा रही है, अब तक लोकसभा में कांग्रेस के नेता का नाम नहीं तय हो पाया है। कांग्रेस ही नहीं, कई अन्य विपक्षी पार्टियां भी लोकसभा में अपने नेता के नाम को लेकर उधेड़बुन में हैं।

पहले यह चर्चाएं थीं कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा में कांग्रेस का नेतृत्व सकते हैं, लेकिन पद छोड़ने पर उनके अड़े रहने के कारण इस पर संशय पैदा हो गया है। 16वीं लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस बार चुनाव हार गए हैं। अब पार्टी लोकसभा में नेता पद के लिए एक ऐसे सांसद की खोज कर रही है जो गांधी परिवार के विश्वस्त होने के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में अपनी बात रखने में सक्षम हो।

सूत्र बताते हैं कि इसके लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी के नाम की चर्चा सबसे ज्यादा है। तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर, मावेलिकारा के सांसद व केरल कांग्रेस प्रमुख के. सुरेश तथा पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रमुख अधीर रंजन चौधरी के नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन इनकी अपनी सीमाएं हैं।

थरूर के रास्ते में सुनंदा पुष्कर मामला बाधा है तो दलित नेता सुरेश के लिए भाषाओं पर पकड़ का अड़ंगा है। हालांकि, राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद के साथ चौधरी और सुरेश की सर्वदलीय बैठक में रविवार की उपस्थिति इस बात का इशारा करती है कि लोकसभा में कांग्रेस का नेता इन दोनों में से ही कोई हो सकता है।

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Posted By: Sanjeev Tiwari