जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान ने भले अपनी तरफ समझौता एक्सप्रेस के संचालन पर रोक लगा दी हो, लेकिन भारत फिलहाल इसका संचालन जारी रखेगा। भारत की तरफ से समझौता एक्सप्रेस दिल्ली से अटारी तक चलेगी। बुधवार को भी यह ट्रेन चली। यह अलग बात है कि बहुत कम लोगों ने इसमें सवार होने की हिम्मत जुटाई।

विशाखापत्तनम मुख्यालय वाले नए दक्षिण तट रेलवे (साउथ कोस्ट रेलवे) जोन की घोषणा करने के उपरांत समझौता एक्सप्रेस के भविष्य को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'समझौता एक्सप्रेस का संचालन रोके जाने के बारे में किसी तरह के आधिकारिक निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इस संदर्भ में हमें जो भी निर्देश मिलेंगे उनका पालन किया जाएगा।'

पाकिस्तान से इस तरह की खबरें आई हैं कि उसने अपनी तरफ समझौता एक्सप्रेस का संचालन रोक दिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस सप्ताह में दो बार चलती है। दिल्ली से अटारी तक चलने वाली ट्रेन बुधवार और रविवार को चलती है। जबकि पाकिस्तान की ओर से लाहौर से वाघा के बीच इसका संचालन सोमवार और बृहस्पतिवार को होता है। बुधवार को दिल्ली से चलने वाली समझौता एक्सप्रेस नियमानुसार चली। लेकिन इसमें केवल 26 यात्री सवार थे। जिनमें चार वातानुकूलित श्रेणी के जबकि 22 गैर-वातानुकूलित श्रेणी के यात्री शामिल हैं। आम तौर पर यह ट्रेन 70 फीसद भरी रहती है। लेकिन 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ बस पर हुए आतंकी हमले में 40 जवानों की शहादत के बाद इस संख्या में भारी गिरावट आ गई है।

समझौता एक्सप्रेस में थर्ड एसी के एक कोच के अलावा स्लीपर क्लास के छह कोच होते हैं। दिल्ली से अटारी के बीच ट्रेन का कोई कमर्शियल स्टॉपेज नहीं है। भारत व पाकिस्तान के बीच समझौता एक्सप्रेस का संचालन 1971 के युद्ध के बाद 22 जुलाई, 1976 को शिमला समझौते के अंतर्गत शुरू हुआ था।

 

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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