इस्लामाबाद, पीटीआइ। पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नासेर खान जंजुआ ने कहा है कि दक्षिण एशिया में जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उसमें परमाणु युद्ध की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। उनका कहना था कि कश्मीर मामले में भी अमेरिका भारत का समर्थन कर रहा है। वह पाक पर भारत को तरजीह देता है। उनका कहना था कि आतंकवाद से लड़ाई में पाक की नीयत साफ है और वह नहीं चाहता कि आतंकी संगठन अपना सिर उठाएं।

अमेरिका की आलोचना करते हुए जंजुआ ने कहा कि वह सीपीईसी (चीन-पाक आर्थिक गलियारा) के विरुद्ध साजिश रच रहा है। पाक को जो आतंकवाद झेलना पड़ रहा है वह भी महज इस वजह से क्योंकि उसने अमेरिका का साथ दिया था।

अमेरिका के साथ आने के बाद ही पाक में आतंकवाद ने पैर पसारे। राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक सेमिनार में उनका कहना था कि अमेरिका अब भारत की भाषा बोल रहा है। अफगानिस्तान में तालिबान ताकतवर हुआ तो अमेरिका ने उसका ठीकरा पाक के सिर फोड़ दिया, जबकि यह महाशक्ति की अपनी नाकामी रही। वह पाक पर आरोप जड़ता है कि उसका संबंध तालिबान व हक्कानी नेटवर्क से है, जबकि उनका देश लगातार इन ताकतों को जवाब दे रहा है।

जानिए- कश्मीर मसले पर क्या है अमेरिका की रुख

अमेरिका ने कश्मीर पर अपने रुख में बदलाव का संकेत तब दिया है जब कश्मीर के बारे में उसकी नीतियों को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। पिछले दिनों राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक निकट सहयोगी ने कश्मीर में अमेरिका की तरफ से हस्तक्षेप किए जाने की बात कही थी। इस पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दिखाई थी। इसके बाद मोदी-ट्रंप वार्ता हुई अौर बयान जारी किया गया। बयान का मतलब निकाला जा रहा है कि अमेरिका कश्मीर पर भारतीय पक्ष का समर्थन कर रहा है। यानी वहां किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों को जायज नहीं ठहराया जा सकता है। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है।

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Posted By: Tilak Raj

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