नई दिल्ली, प्रेट्र। इजरायल ने भारत को विशेष रूप से आतंकवाद से अपना बचाव करने के लिए बिना शर्त मदद की पेशकश की है। उसने जोर देकर कहा है कि उसकी सहायता की कोई सीमा नहीं है। इजरायल का यह आश्वासन सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले के बाद बढ़ती मांग की पृष्ठभूमि में खासा महत्वपूर्ण है। मांग है कि सरकार आतंकी हमलों से निपटने की इजरायली पद्धति पर विचार करे।

भारत में इजरायल के नवनियुक्त राजदूत डॉ. रॉन मलका ने एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। उनसे पूछा गया था कि उनका देश आतंकवाद से पीड़ित भारत की किस सीमा तक मदद कर सकता है।

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पिछले गुरुवार को जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने आत्मघाती हमले को अंजाम दिया था। इस आतंकी हमले के बाद यह मांग जोर पकड़ रही है कि सरकार को आतंक विरोधी अभियान में इजरायल के तरीकों पर गौर करना चाहिए। इजरायली सेना अपनी सटीक और त्वरित कार्रवाई के लिए दुनिया में मशहूर है।

मलका ने पिछले हफ्ते के शुरू में एक साक्षात्कार में कहा, 'भारत को अपनी रक्षा के लिए जो आवश्यकता है, उसकी कोई सीमा नहीं है। हम अपने करीबी मित्र भारत को विशेष तौर पर आतंकवाद के खिलाफ बचाव करने में मदद करने के लिए तैयार हैं क्योंकि आतंकवाद विश्व की समस्या है, न कि सिर्फ भारत और इजरायल की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें बताया कि भारत एक महत्वपूर्ण साथी, बहुत महत्वपूर्ण दोस्त है। संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए वह सहयोग करना चाहते हैं। इजरायली राजदूत ने कहा कि उनके देश का पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं और इसलिए उनके साथ किसी गतिविधि में द्विपक्षीय बातचीत नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत कर इजरायल वैश्विक स्थिरता में योगदान दे रहा है क्योंकि वैश्विक स्थिरता में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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