जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका व दूसरे देशों के साथ चीन के खिलाफ क्वाड संगठन का सक्रिय सदस्य होने के बावजूद भारत चीन व रूस के साथ गठित ब्रिक्स संगठन को लेकर प्रतिबद्ध है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उद्घाटन भाषण देते हुए इसका संकेत दिया। पीएम मोदी ने न सिर्फ ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन व दक्षिण अफ्रीका का संगठन) सदस्यों के एक जैसे नजरिये और सहयोग से सदस्य देशों के नागरिकों को सीधा लाभ हो रहा है।

ब्रिक्स के विस्तार पर शुक्रवार को बैठक

पीएम मोदी ने यह बात ऐसे समय में कही है जब चीन इस संगठन को विस्तार देने की प्रक्रिया को तेज करने में जुटा है और रूस का भी इस पर जोर है। ब्रिक्स के विस्तार पर शुक्रवार को अहम बैठक भी होने वाली है।

इन नेताओं ने किया संबोधित

चीन की मेजबानी में लगातार तीसरे वर्ष ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन वर्चुअल प्रारूप में हुआ। बैठक को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफ‍िंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजीली राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति साइरल रामाफोसा ने भी संबोधित किया।

अभी भी नजर आ रहे महामारी के दुष्‍प्रभाव

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर महामारी का प्रकोप पहले की तुलना में कम हुआ है लेकिन इसके अनेक दुष्प्रभाव अभी अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था की गवर्नेंस में ब्रिक्स सदस्यों के तौर तरीकों में बहुत समानता है। इसलिए हमारा आपसी सहयोग वैश्विक रिकवरी में उपयोगी योगदान दे सकता है।

आपसी सहयोग से अलग किस्म का संगठन बना ब्रिक्स

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां हमारे आपसी सहयोग से हमारे नागरिकों के जीवन को सीधा लाभ हो रहा है। वैक्सीन आर एंड डी केंद्र की स्थापना करने, सीमा शुल्क विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित किया जा रहा है और एक दूसरे के फार्मा उत्पादों को सीधे मान्यता दे रहे हैं। इस तरह के कदमों से ब्रिक्स को एक अलग किस्म का अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाने में मदद मिली है।

ब्रिक्स की एकता की पहले से ज्यादा अहमियत : पुतिन

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले कुछ देशों के विचारहीन और स्वार्थी कार्यों की आलोचना की और कहा कि ब्रिक्स देशों को एक बहुध्रुवीय दुनिया बनाने के लिए साथ मिलकर काम करने की जरूरत पहले से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।

मिलकर काम करें ब्रिक्स के सदस्य देश : शी चिनफ‍िंग

चिनफिंग ने ब्रिक्स देशों से संयुक्त रूप से वैश्विक शांति की सुरक्षा के लिए काम करने का आह्वान किया। अमेरिका और यूरोपीय संघ पर हमला करते हुए शी ने कहा कि कुछ देश संपूर्ण सुरक्षा के नाम पर सैन्य गठबंधन का विस्तार कर रहे हैं और दूसरों को पक्ष लेने और टकराव पैदा करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

Edited By: Krishna Bihari Singh