महराजगंज, जेएनएन। नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के अलावा भारत के अन्य प्रदेशों के नागरिकों को सोनौली सीमा के रास्ते प्रवेश करने को लेकर जारी गतिरोध समाप्त हो गया। शासन से अनुमति मिलने के बाद नेपाल से सोनौली सीमा पर पहुंचे 1069 लोगों को देर शाम भारत में प्रवेश मिल गया। सीमा पर तैनात भारतीय अधिकारियों ने इन नागरिकों को यह कहते हुए भारत में लेने से इन्कार कर दिया था कि उन्हें सिर्फ उत्तर प्रदेश के नागरिकों को ही लेने का निर्देश मिला है। इन नागरिकों में पं. बंगाल, झारखंड व बिहार के नागरिक शमिल हैं।

पहले अधिकारियों ने रोक दिया था

इन सभी नागरिकों का आव्रजन कार्यालय पर रजिस्ट्रेशन कराकर उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। विदेश मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक 26 से 29 मई तक नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को भारत लाना है। इसके तहत सोनौली सीमा के रास्ते सिर्फ उत्तर प्रदेश के लोगों को प्रवेश की अनुमति दी गई है। मंगलवार की रात जब उत्तर प्रदेश के अलावा बंगाल, झारखंड व बिहार के नागरिक भी भारत में प्रवेश करने लगे तो सीमा पर तैनात अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। शासन के हस्तक्षेप से बाद बुधवार की शाम सभी को प्रवेश की अनुमति मिली। इसके बाद प. बंगाल, झारखंड, बिहार व उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बरेली, देवरिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर व  महराजगंज के 1069 लोग अपने वतन पहुंचे।

800 नेपाली नागरिक अपने देश स्वदेश पहुंचे

भारत के विभिन्न शहरों में कार्यरत पड़ोसी देश नेपाल के 800 नागरिक बुधवार शाम सोनौली सीमा पर पहुंचे। भारतीय अधिकारियों ने नेपाल के अधिकारियों को उनका स्वास्थ्य प्रमाण पत्र सौंपा। नेपाल के स्वास्थ्य कर्मियों ने नोमेंस लैंड पर अपने नागरिकों की थर्मल स्कैनिंग कर उन्हे देश में प्रवेश दिया।

Posted By: Pradeep Srivastava

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