काठमांडू, प्रेट्र। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक की अगुआई में भारतीय पहलवानों ने 13वें दक्षिण एशियाई खेलों (सैग) (13th South Asian Games) में रविवार के दिन कुश्ती में चार स्वर्ण पदक जीते। भारत ने इस तरह से कुश्ती में अपना दबदबा बनाए रखा। उन्होंने अब तक सभी 12 वर्गों में स्वर्ण पदक जीते हैं। भारतीय पहलवानों का ये प्रदर्शन बेहद ही काबिलेतारीफ है। 

साक्षी ने महिलाओं के 62 किग्रा में आसानी से पहला स्थान हासिल किया, जबकि अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता रविंदर ने पुरुष फ्री स्टाइल के 61 किग्रा में सोने का तमगा हासिल किया। साक्षी के चारों मुकाबले एकतरफा रहे, लेकिन रविंदर को पाकिस्तान के एम बिलाल को हराने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। पवन कुमार (पुरुष फ्री स्टाइल 86 किग्रा) और अंशु (महिला 59 किग्रा) ने भी अपने-अपने वगरें में स्वर्ण पदक जीता। सोमवार को प्रतियोगिता के अंतिम दिन गौरव बालियानन (74 किग्रा) और अनिता शेरोन (68 किग्रा) क्रमश: पुरुष और महिला फ्री स्टाइल में अपने मुकाबले खेलेंगे।

15 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में: कॉमनवेल्थ गेम्स के मौजूदा चैंपियन विकास कृष्णन (69 किग्रा) और कॉमनवेल्थ गेम्स की कांस्य पदक विजेता पिंकी रानी सहित भारत के सात मुक्केबाजों ने रविवार को यहां टूर्नामेंट फाइनल में जगह बनाई। पुरुष वर्ग में विकास के अलावा स्पर्श (52 किग्रा), वरिंदर (60 किग्रा) ओर नरेंदर (91 किग्रा से अधिक) ने जबकि महिला वर्ग में पिंकी रानी (51 किग्रा), सोनिया लाठेर (57 किग्रा) और मंजू बोंबोरिया (64 किग्रा) ने फाइनल में प्रवेश किया। भारत के केवल एक मुक्केबाज सचिन (81 किग्रा) को हार का सामना करना पड़ा। भारत के आठ मुक्केबाज शनिवार को फाइनल में पहुंचे थे। इस तरह से अब कुल 15 भारतीय मुक्केबाज खिताबी मुकाबले में जगह बना चुके हैं। भारतीय पहलवानों का जैसा प्रदर्शन है उससे यही लग रहा है कि पदकों की संख्या अभी और आगे जा सकती है। 

 

Posted By: Sanjay Savern

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