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एशियन गेम्स में भारत की 'चांदी', मैराथन में सावन बरवाल ने अपना ही नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर जीता रजत

Published: Sat, 26 Sep 2026 09:28 AM (IST)

भारतीय सेना में जवान सावन बरवाल ने मेंस मैराथन में सिल्वर मेडल जीता।

सावन बरवाल

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स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्‍स 2026 में 7वें दिन की शुरुआत भारत ने चांदी के साथ की। भारतीय सेना में जवान सावन बरवाल ने मेंस मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। भारत के लिए एशियन गेम्स में मेंस मैराथन के इवेंट में 44 साल बाद पहला मेडल आया है।

इससे पहले 1982 में दिल्‍ली में हुए खेले में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने कांस्‍य पदक जीता था। 28 साल के सावन ने मेंस मैराथन में 2:11:37 का नया नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया। उन्‍होंने 2 घंटे 11 मिनट और 37 सेकंड में 42.195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की।

आखिरी में बनाई बढ़त

सावन बरवाल 35 किमी के निशान तक आगे रहने वाले ग्रुप में शामिल थे, लेकिन आखिरी 7 किलोमीटर में उन्होंने बढ़त बना ली। उन्‍होंने चीन के पेइयू फेंग से 36 सेकंड पहले रेस पूरी की। चीन के फेंग ने कांस्‍य पदक जीता। इचिताका यामाशिता ने 2:10:49 के समय के साथ गोल्ड मेडल पर कब्‍जा जमाया। वह बरवाल से 48 सेकंड आगे थे।

 

 

नेशनल रिकॉर्ड में सुधार किया

बरवाल ने आइची-नागोया में अपने ही नेशनल रिकॉर्ड में 21 सेकंड का सुधार किया है। इससे पहले इसी साल अप्रैल में उन्होंने शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना मैराथन रिकॉर्ड तोड़ा था। 1982 के एशियाई खेलों में होसुर कुकप्पा सीताराम के कांस्‍य पदक जीतने के बाद मैराथन में भारत का यह पहला मेडल है।

चौथे भारतीय बने बरवाल

बरवाल एशियन गेम्‍स में मैराथन में पकद जीतने वाले चौथे भारतीय हैं। इससे पहले दिल्ली में 1951 में हुए पहले एशियन गेम्‍स में छोटा सिंह ने गोल्‍ड और सूरत सिंह माथुर ने ब्रॉन्‍ज मेडल अपने नाम किया था। बरवाल ने इसी साल मैराथन में डेब्‍यू किया था। अप्रैल में उन्‍होंने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना 2:11:58 नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

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