Asian Para Games: हादसे को हराकर ट्रैक पर चमका प्रमोद, परिवार की मदद से लिखी सफलता की नई इबारत
सिरसा के पैरा एथलीट प्रमोद बिजारणिया ने जापान में आयोजित पांचवें एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की 1500 मीटर ...और पढ़ें

प्रमोद ने किया कमाल

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जागरण संवाददाता, सिरसा: जापान के आइची-नागोया में आयोजित पांचवें एशियन पैरा गेम्स 2026 में सिरसा के पैरा एथलीट प्रमोद बिजारणिया ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। प्रमोद ने पुरुषों की 1500 मीटर टी-46 स्पर्धा में चार मिनट नौ सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक जीता।
स्वर्ण पदक विजेता ने यह दूरी चार मिनट तीन सेकंड में पूरी की। प्रमोद की उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्रमोद का पैरा एशियाई खेल में यह दूसरा रजत पदक है। इससे पहले उन्होंने 2023 में चीन के हांगझू में आयोजित चौथे पैरा एशियाई खेल में भी 1500 मीटर टी-46 स्पर्धा में रजत पदक जीता था।
हादसे के बाद चुनी एथलेटिक्स की राह
वर्ष 2014 में चारा काटने वाली मशीन की चपेट में आने से प्रमोद का दाहिना हाथ कट गया था। हादसे के करीब चार वर्ष बाद उन्होंने पैरा एथलेटिक्स का अभ्यास शुरू किया। वर्ष 2021 से वह हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गिरी सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रमोद ने बताया कि अब उनका लक्ष्य जून 2027 में होने वाली विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारी कर स्वर्ण पदक जीतना है।
परिवार बना ताकत
प्रमोद ने अपनी सफलता का श्रेय पिता राममूर्ति, मां भारता देवी और परिवार के अन्य सदस्यों को दिया। उनका छोटा भाई नरेंद्र हिसार में रहकर अभ्यास में मदद करता है। पत्नी अरुणा सैनी भी एथलीट रह चुकी हैं और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन देती हैं। प्रमोद के अनुसार, परिवार के सहयोग ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की ताकत दी है।
