जकार्ता, जेएनएन। भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु ने सोमवार को 18वें एशियाई खेलों में महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। सिंधु ने सेमीफाइनल मुकाबले में अपनी पुरानी प्रतिद्वंद्वी जापान की अकाने यामागुची को मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। इसी के साथ सिंधू ने एक नई उपलब्धि अपना नाम कर ली। सिंधु एशियाई खेलों में इस स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। अब फाइनल में सिंधू का सामना चीनी ताइपे की ताइ जु यिंग से होगा।

भारतीय खिलाड़ी सिंधु ने एक घंटे और पांच मिनट तक चले मुकाबले में वर्ल्ड नम्बर-2 यामागुची को 21-17, 15-21, 21-10 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

सिंधू ने ऐसे रचा इतिहास

1962 से बैडमिंटन एशियन गेम्स का हिस्सा है। तब से लेकर अब तक भारत का कोई भी शटलर किसी भी कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल से आगे नहीं बढ़ सका है। पीवी सिंधु की जीत के बाद यह पहला मौका होगा जब एशियन गेम्स के इतिहास में भारत को गोल्ड या फिर सिल्वर मेडल हासिल होगा। यानी पीवी सिंधु भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक और नया अध्याय लिख चुकी हैं।

सेमीफाइनल में ऐसे मिली जीत

पहले ही गेम से ही दोनों के बीच बराबरी की टक्कर देखी गई। अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी के खेल से परिचित सिंधु ने इसका फायदा उठाते हुए उनके खिलाफ स्कोर 8-8 से बराबर किया और इसके बाद 13-9 से बढ़त ले ली।

वर्ल्ड नम्बर-3 भारतीय खिलाड़ी ने यामागुची पर इस बढ़त को बनाए रखा और अंत में पहला गेम 22 मिनटों के भीतर 21-17 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में भी दोनों को बराबरी का संघर्ष करते देखा गया। हालांकि, अपने कद का फायदा उठाते हुए सिंधु बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही थी। यामागुची अपनी फुर्ति से सिंधु को उनके हर हमले का जवाब दे रही थी।

रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता सिंधु ने यामागुची की गलतियों का फायदा उठाया और उनके खिलाफ 10-6 की बढ़त हासिल कर ली। यहां जापान की खिलाड़ी ने वापसी की और सिंधु पर दबाव बनाते हुए 12-10 की बढ़त हासिल कर ली और 22 मिनट में सिंधु को 21-15 से हराकर दूसरे गेम जीतकर 1-1 से बराबरी कर ली।

सिंधु ने तीसरे गेम में यामागुची पर अपना दबाव बनाने की कोशिश करते हुए 9-4 की बढ़त बनाई। जापानी खिलाड़ी के खिलाफ इस बढ़त को बनाए रखते हुए सिंधु ने तीसरा गेम 21-10 से जीता।

इस हार के कारण यामागुची को कांस्य से संतोष करना पड़ा है। यह एशियाई खेलों में उनका पहला पदक है।

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Posted By: Pradeep Sehgal