फिर चमकीं भारत की 'शॉटगन क्वीन', दो गोल्ड और एक सिल्वर जीतकर सबसे सफल भारतीय एथलीट बनीं नीरू ढांडा
नीरू ढांडा एशियन गेम्स में सबसे सफल भारतीय एथलीट बनीं। 26 साल की नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता।

नीरू ढांडा
HighLights
नीरू ढांडा बनीं सबसे सफल भारतीय एथलीट
ढांडा ने तीन पदकों की शानदार उपलब्धि पूरी की
नीरू को खेलों से 10 दिन पहले अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था
प्रेट्र, नागोया। व्यक्तिगत वर्ग में खिताब जीतने वाली नीरू धांडा ने काइनन चेनाई के साथ मिलकर मिक्स्ड टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता, जिससे बुधवार को उनका ऐतिहासिक अभियान पूरा हुआ और वह एशियाई खेलों में सबसे सफल भारतीय एथलीट बन गईं।
26 वर्षीय निशानेबाज ने मंगलवार को व्यक्तिगत शॉटगन स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा था। इस तरह उन्होंने तीन पदकों की शानदार उपलब्धि पूरी की, जिसमें महिलाओं की टीम ट्रैप स्पर्धा का रजत भी शामिल है।
यह जीत बेहद खास
यह जीत और भी उल्लेखनीय रही क्योंकि नीरू को खेलों से 10 दिन पहले बीमार होने के कारण एच1एन1 की आंशका के चलते भारत में अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था और वह थकान और बीमारी के बाद की कमजोरी से जूझ रही थीं।
भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 40 में से 34 निशानों के एशियाई और खेल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कतर (32) को हराकर भारतीय शॉटगन निशानेबाजी के लिए एक और ऐतिहासिक क्षण रचा। नीरू हालांकि अपने अंतिम दो निशानों में चूक गईं, लेकिन तब तक वह भारत की जीत सुनिश्चित कर चुकीं थीं। इसके बाद हुआ जश्न उपलब्धि जितना ही जोरदार था।
काइनन के निशानों ने बचाया
नीरू एक दिन पहले व्यक्तिगत स्वर्ण पदक के दौरान लगभग तीन घंटे बारिश से जूझने के बाद थकी हुई दिखीं और बुधवार को मिक्स्ड टीम क्वालीफिकेशन में 75 में से केवल 63 निशाने लगा सकीं, लेकिन उनके जोड़ीदार काइनन ने 75 में से शानदार 73 निशाने लगाकर भारत का संयुक्त स्कोर 136 तक पहुंचाया और फाइनल में जगह पक्की की।
हालांकि, क्वालीफिकेशन और फाइनल के बीच दो घंटे के अंतराल ने नीरू को कुछ जरूरी समय संभलने के लिए दिया। भारत के लिए फाइनल की शुरुआत चिंताजनक रही। काइनन अपने शुरुआती शॉट से चूक गए जबकि नीरू अपने पहले पांच में से तीन निशानों से चूक गईं जिससे शुरुआती 10 प्रयासों में उनके खाते में केवल छह निशाने रह गए।
डगमगाती शुरुआत को दबदबे वाले अंत में बदला
पहली सीरीज में चार चूक के साथ भारतीय जोड़ी बाहर होती लग रही थी, लेकिन काइनन ने कमान संभाली। उन्होंने 19 शॉट लगातार निशाने पर लगाए जिससे नीरू को मुकाबले में स्थिर होने के लिए जरूरी स्थिरता और आत्मविश्वास मिला।
इस जोड़ी ने डगमगाती शुरुआत को दबदबे वाले अंत में बदल दिया और ऐसा स्वर्ण दिलाया, जिसने शॉटगन शूटिंग में भारत की ताकत को और रेखांकित किया।
नीरू ने कहा कि हां, कल तीन घंटे बारिश में पूरी तरह भीगने के बाद मैं थक गई थी। मेरे कपड़े गीले और ठंडे थे। अस्पताल में कई दिन बिताने के बाद मैं अब भी अपनी बीमारी से उबर रही हूं। लगातार दिनों में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल था।
