चुला विस्टा (अमेरिका), पीटीआइ। भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। वह ओलिंपिक में गोल्ड जीतने वाले पहले एथलीट बने और इतिहास रचा। भारत के भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के लिए टोक्यो ओलिंपिक की उपलब्धि अब अतीत की बात है और वह अभ्यास के लिए यहां पहुंचने के बाद आगामी वषरें में सफलता हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

चोपड़ा कोच क्लाज बार्तोनिज की देखरेख में 90 दिन तक यहां की विश्वस्तरीय सुविधाओं में अभ्यास करेंगे। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने पिछले शुक्रवार को उनके प्रस्ताव को अविलंब मंजूरी दे दी थी। चोपड़ा ने ट्वीट किया, 'यह समय अतीत को भुलाकर भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का है। प्रतियोगिता से इतर अभ्यास के लिए पहुंच गया हूं एवं और बेहतर बनने के लिए प्रक्रिया शुरू करने को उत्सुक हूं।'

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआइ) के प्रस्ताव को चार घंटे के भीतर मंजूरी दे दी गई थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चोपड़ा रविवार को रवाना हो सकें। प्रतिष्ठित चुला विस्टा एलीट एथलीट ट्रेनिंग सेंटर में अभ्यास के लिए टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम (टाप्स) के तहत स्वीकृत लागत 38 लाख रुपये होगी।

चोपड़ा ने लिखा, 'साई महानिदेशक, टाप्स और एएफआइ के अधिकारियों तथा इसे साकार करने में शामिल प्रत्येक व्यक्ति का आभारी हूं।' चोपड़ा ने टोक्यो में सात अगस्त को 87.85 मीटर भाला फेंककर एथलेटिक्स में भारत के लिए पहला ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीता था।

 

Edited By: Viplove Kumar