यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Neeraj Chopra ने ओलंपिक और वर्ल्ड एथलेटिक्स 2023 में जीता गोल्ड, Sachin Tendulkar की लीग में हुए शामिल
नीरज चोपड़ा ने प्रतिभा कड़ी मेहनत और अतुल्नीय खेल भावना का परिचय दिया। विश्व स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने ...और पढ़ें

HighLights
- नीरज चोपड़ा की पिछले कुछ सालों में सचिन तेंदुलकर से तुलना की गई
- विशाल उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद नीरज चोपड़ा जमीन से जुड़े रहे
- भारत के जेवलिन स्टार ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा
नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने सालों में कई बेहतरीन एथलीट्स देखे, लेकिन कुछ ही ऐसे रहे, जिन्होंने निरंतर खेल पर अपना दबदबा कायम रखा। भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा उनमें से एक हैं। 25 साल के चोपड़ा ने रविवार को अपने खाते में एक और उपलब्धि जोड़ी।
नीरज चोपड़ा रविवार को नए वर्ल्ड जेवलिन चैंपियन बने। यह खिताब अब तक उनकी ट्रॉफी कैबिनेट से गायब था। नीरज चोपड़ा का उदय किसी चमत्कार से कम नहीं है। टोक्यो में ओलंपिक गोल्ड जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने कड़ी मेहनत जारी रखी।
नीरज ने डायमंड ट्रॉफी, एशियन गेम्स गोल्ड और कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल जीते। एथलेटिक्स की दुनिया में नीरज चोपड़ा को अपनी पहचान बनाने में ज्यादा समय नहीं लगा। उनके शानदार और जानदार प्रदर्शन का असर रहा कि फैंस के बीच वो काफी लोकप्रिय हुए। वो हर थ्रो के साथ एक अपेक्षा का एहसास कराते रहे हैं।
खराब शुरुआत के बावजूद जीता गोल्ड
ध्यान दिला दें कि वर्ल्ड चैंपियनशिप्स फाइनल की शुरुआत में नीरज चोपड़ा से फाउल हो गया था। कई लोगों की आस टूटने लगी कि नीरज गोल्ड से चूक जाएंगे। हालांकि, अपनी शैली पर विश्वास रखने वाले नीरज ने सभी संदेहों को दूर किया और गोल्ड जीतकर देश का विश्वास हासिल किया।
सचिन तेंदुलकर से तुलना क्यों
पिछले कुछ सालों में नीरज चोपड़ा की तुलना महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से होती रही है। सचिन तेंदुलकर ने दो दशक लंबे क्रिकेट करियर के दौरान अनगिनत रिकॉर्ड्स अपने नाम किए और खेल को बुलंदियों तक पहुंचाया।
अब नीरज चोपड़ा के प्रदर्शन से भी लोग इसी प्रकार के भाव जोड़ पा रहे हैं। नीरज चोपड़ा ने भारतीय एथलेटिक्स में खुद को बुलंदियों पर पहुंचा लिया है। उन्होंने बड़ी जीत हासिल की। मगर खेल के प्रति उनका समर्पण, लगाव और प्रतिबद्धता में कभी कोई कमी नहीं आई। नीरज चोपड़ा सर्वोत्तम उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद जमीन से जुड़े हुए हैं।
युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
नीरज चोपड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ''थ्रोअर्स की कोई फिनिशिंग लाइन नहीं होती।'' इससे उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की बात कही। नीरज चोपड़ा को प्रोत्साहन देश को गर्व कराने से मिलता है और वो चाहते हैं कि वैश्विक स्तर पर युवा भारतीय एथलीट्स को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करें।
