नई दिल्ली, जेएनएन। भारत के दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह (Milkha Singh) खिलाड़ियों को मिल रही ट्रेनिंग से खुश नहीं हैं। शुक्रवार को उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल तो उनको ऐसा कोई भी एथलीट नजर नहीं आता जो देश के लिए पदक जीत सके। इस वक्त भारत को एथलेटिक्स में ओलंपिक पदक जीतने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

92 साल के मिल्खा ने साफ तौर पर कहा कि उनको निकट भविष्य में एथलेटिक्स में तो भारत के लिए पदक की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, “अभी तक तो मुझे कोई आदमी ऐसा नजर नहीं आता जो आने वाले ओलंपिक गेम्स के अंदर एथलेटिक्स में मेडल जीत पाए।“

ये भी पढ़ें: सिर्फ ओलंपिक में पदक जीतना बाकी रह गया है- सरिता देवी

फ्लाइंग सिख से नाम से मशहूर मिल्खा इंडियन स्पोर्ट्स सम्मान 2019 कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने आगे कहा, "आपने ओलंपिक के बारे में बातें की लेकिन मैं आपसे एथलेटिक्स से बारे में ज्यादा बात करूंगा। मैंने गुरबचन सिंह रंधावा, पीटी ऊषा, अंजू बेबी जॉर्ज और श्रीराम सिंह ने ओलंपिक के फाइनल में जगह बनाई लेकिन पदक नहीं जीत पाए।"

मिल्खा सिंह साल 1960 में रियो ओलंपिक के 400 मीटर इवेंट के फाइनल में पहुंचे थे। 1964 टोक्यो ओलंपिक में रंधावा 110मीटर बाधा दौड़ में पांचवें स्थान पर रहे थे। पीटी ऊषा 1984 लॉस एंजेलेस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही थी वहीं 2004 के एथेंस ओलंपिक में अंजू बेबी जॉर्ज पांचवें स्थान पर रहीं थी।

मिल्खा ने कहा, "अगर हमें ओलंपिक में मेडल जीतना है तो हमें एथलेटिक्स को पहले स्थान पर रखना होगा और उसकी ट्रेनिंग देनी होगी। ऐसा करने के बाद ही हमें ओलंपिक में गोल्ड मेडल मिल पाएगा।"