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नेशनल लेवल के तैराक रहे मिलिंद सोमन, 1984 एशियन गेम्स के लिए कर चुके थे क्वालिफाई; फिर ऐसा क्या हुआ जो मॉडलिंग में आए?

Published: Tue, 27 Oct 2026 05:23 PM (IST)

मिलिंद सोमन ने 9 साल की उम्र से तैराकी शुरू की, राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया और 1986 ...और पढ़ें

अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं मिलिंद सोमन

अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं मिलिंद सोमन 

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। 90 के दशक में म्यूजिक एल्बमों का दौर अपने चरम पर था। उसी दौर में एक चेहरा हर किसी की नजरों में छा रहा था। प्यारी सी आवाज और अच्छी कद-काठी के साथ मिलिंद सोमन मशहूर हो रहे थे। फिल्मों में भी उन्होंने काम किया। फिर मिलिंद गायब से हो गए और जब दोबारा सुर्खियों में आए तो एक रनर और फिटनेस फ्रीक के तौर पर, लेकिन यह फिटनेस का जज्बा उन्हें बचपन से मिला है क्योंकि सबसे पहले वह तैराक बनना चाहते थे।

हमारी खास सीरीज स्पोर्ट्स टू स्क्रीन में आज कहानी मिलिंद सोमन की जिन्होंने नौ साल की उम्र से तैराकी की और महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया। वह 1982 में एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने से काफी करीब से चूक गए थे, लेकिन चार साल बाद क्वालिफाई कर गए।

9 साल की उम्र में शुरू किया था तैरना

मिलिंद ने कई बार इंटरव्यू में बताया है कि वह नेशनल लेवल के तैराक रह चुके हैं और 23 साल की उम्र तक उन्होंने तैराकी की। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र और भारत का प्रतिनिधित्व किया। मिलिंद ने प्रोवोक को दिए इंटरव्यू में बताया था, "मैं नौ साल का था और तैराकी शुरू कर चुका था। मैं नेशनल लेवल पर खेल रहा था। 14 साल तक मैंने महाराष्ट्र और भारत का प्रतिनिधित्व किया। मैं अपने इवेंट में नेशनल चैंपियन रहा।"

मिलिंद ने फर्स्टपोस्ट को दिए एक वीडियो इंटरव्यू में बताया था कि वह शॉर्ट डिस्टेंस तैराक थे और 100 मीटर, 200 मीटर में प्रतिस्पर्धा करते थे। 25 जून 2024 को  स्क्रोल में एक आलेख में मिलिंद ने खुद लिखा है कि वह 1982 में एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने के बेहद करीब पहुंच गए थे। उन्होंने लिखा, "मैं 1982 एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई नहीं कर सका था, लेकिन मैं नेशनल कैम्प का दावेदार जरूर था। एक साल बाद एशियन गेम्स हुए और उस साल मैं 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में नेशनल ओपन चैंपियन बना। अगले चार साल तक मैंने अपने खिताब का बचाव किया। मैंने कई रिकॉर्ड तोड़े और 1986 एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई किया।"

अचानक शुरू कर दी मॉडलिंग

लंबे समय तक तैराक रहने के बाद मिलिंद अचानक से मॉडलिंग की दुनिया में आ गए। प्रोवोक को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि किसी ने उनका फिट शरीर और लुक देखकर मॉडलिंग का प्रस्ताव दिया था जो उन्होंने कबूल कर लिया था। इसके बाद मिलिंद चमक उठे और फिर 90 के दशक में म्यूजिक एल्बमों में उनका चेहरा मशहूर हो चुका था। वह फिल्मों में भी आए और उन्होंने '16 दिसंबर' जैसी फिल्म की।

फिल्मों में वह बहुत ज्यादा सफल नहीं रहे और फिर उन्होंने रनर बनने का ठाना। आठ जून 2023 को एनडीटीवी में छपी रिपोर्ट में मिलिंद के हवाले से लिखा गया है कि वह 2003 तक रनिंग से डरते थे, लेकिन एक बार जब उन्होंने 21 किलोमीटर की मैराथन दौड़ी तो रनिंग से प्यार करने लगे। आज मिलिंद लॉन्ग डिस्टेंस रनर के रूप में जाने जाते हैं और फिटनेस के मामले में मिसाल बन चुके हैं। 60 साल की उम्र में जो उनकी फिटनेस है वो कई लोगों के लिए प्ररेणा है।

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