Asian Games 2026: 'गटर की बदबू आ रही है', पीवी सिंधू के बाद मनु भाकर के पिता ने आयोजकों पर साधा निशाना; व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
भारतीय महिला निशानेबाज मनु भाकर के पिता ने एशियन गेम्स-2026 के आयोजकों पर सवाल खड़े किए हैं। खराब व्यवस्थाओं को लेकर उनका गुस्सा फूटा है।
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मनु भाकर ने किया निराश

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। जापान में हो रहे एशियन गेम्स-2026 की शुरुआत से पहले ही आयोजक व्यवस्थाओं को लेकर निशाने पर हैं। खेलों की शुरुआत से पहले ही भारतीय खिलाड़ियों को रहने-ठहरने से जुड़ीं परेशानियां आई थीं और अब शेड्यूल के अलावा इवेंट के वेन्यूज को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दो बार की ओलंपिक मेडल विजेता निशानेबाज मनु भाकर के पिता ने भी इस तरह के सवाल उठाए हैं।
मनु एशियन गेम्स-2026 में अभी तक मेडल नहीं जीत पाई हैं। सोमवार को वह 25 मीटर पिस्टल इवेंट में उतरी थीं, लेकिन फाइनल के लिए भी क्वालिफाई नहीं कर पाईं। इसके बाद उनके पिता राम किशन ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं।
दूर है शूटिंग रेंज
राम किशन ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "आप यहां गटर की बदबू सूंघ सकते हैं। खिलाड़ी इस शूटिंग रेंज में शूट कर रहे हैं। ये शूटिंग रेंज नागोया सिटी से काफी दूर है। रोज चार-पांच घंटे लगते हैं, किसलिए? ऊपर से बस की टाइमिंग भी अजीब है। सफर का समय चार से पांच घंटे है और बस का समय भी अलग है। जापान को इतने बड़े इवेंट्स आयोजित नहीं करने चाहिए। अगर उन्हें इस तरह के इवेंट्स आयोजित करने हैं तो उन्हें अपने आप में सुधार करना होगा।"
राम किशन से पहले भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने भी एशियन गेम्स के शेड्यूल और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। सिंधू को महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच में रिव्यू की व्यवस्था नहीं थी। वहीं सिंधू को 24 घंटे के भीतर तीन मैच खेलने पड़े थे। इसे लेकर दो बार की ओलंपिक पदक विजेता ने अपना गुस्सा जाहिर किया था।
मनु नहीं जीत सकीं मेडल
मनु 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में मेडल अपने नाम नहीं कर सकीं। वह क्वालिफिकेशन में 579 अंकों के साथ 11वें नंबर पर रहीं। इस इवेंट में ईशा सिंह ने देश को सिल्वर मेडल दिलाया। इससे पहले मनु 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट के फाइनल में भी मेडल नहीं जीत पाई थीं। वह 181.1 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रही थीं।
