विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आखिरी राउंड में चीन की एक गलती और भारत का अचूक निशाना; साहिल, कुशल और गणेश ने आर्चरी में जीता गोल्ड

Published: Wed, 30 Sep 2026 02:22 PM (GMT+05:30)

एशियन गेम्‍स 2026 में आज भारत ने आर्चरी में गोल्‍डन हैट्रिक पूरी की। भारत ने कंपाउंड मेंस टीम फाइनल में गोल्ड मेडल जीता।

साहिल जाधव, कुशल दलाल और तिरुमुरु गणेश मणि रत्नम

साहिल जाधव, कुशल दलाल और तिरुमुरु गणेश मणि रत्नम

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। एशियन गेम्‍स 2026 में आज भारत ने आर्चरी में गोल्‍डन हैट्रिक पूरी की। भारत ने कंपाउंड मेंस टीम फाइनल में गोल्ड मेडल जीता। साहिल जाधव, कुशल दलाल और तिरुमुरु गणेश मणि रत्नम ने फाइनल में चीन को 238-237 से हराया।

भारत ने पहले राउंड में दो 9 के साथ शुरुआत की। वहीं चीन ने 10-10 स्‍कोर किए। पहले राउंड के बाद भारत 2 प्‍वाइंट से पीछे था। चीन का स्कोर 60 है और भारत का 58 था। भारत ने दूसरी सीरीज को 60/60 के स्कोर के साथ खत्म किया, उनका स्कोर 118 हो गया है। चीन ने भी कोई गलती नहीं की। चीन 120-118 से आगे रहा। तीसरे राउंड तक चीन 179-178 से आगे रहा।

फाइनल राउंड में चीन की ओर से पहला शॉट 8 का रहा और यहां से भारत की गोल्‍ड की उम्‍मीद जागी। इसे रिव्यू किया गया। हालांकि, वह 8 ही रहा और भारत 208-207 के स्कोर के साथ 1 प्‍वाइंट से आगे निकल गया। इसके बाद भारत ने कोई गलती नहीं की और चीन को 238-237 से हराया।

 

 

साहिल जाधव

साहिल ने 2016 में अपने पड़ोसी से प्रेरित होकर तीरंदाजी शुरू की। उन्‍होंने स्‍कूली दिनों में कई गेम्‍स में प्रतिभाग किया। बाद में उन्‍होंने आर्चरी को चुना। उनका गोल्‍ड मेडल तक का सफर आसान नहीं था। इस दौरान कई चुनौतियां भी आईं। उन्‍हें आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ा। हालांकि, उन्‍होंने तीरंदाजी को नहीं छोड़ा।

कुशल दलाल

हरियाणा में जन्‍में कुशल दलाल ने 12-13 साल की उम्र में रोहतक के राजीव गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में तीरंदाजी शुरू की। ट्रेनिंग के साथ-साथ उन्‍होंने पढ़ाई भी जारी रखी। इस खेल में उनकी शुरुआती दिलचस्पी धीरे-धीरे एक प्रोफेशनल करियर में बदल गई, जब उन्होंने विजयवाड़ा में 2018 मिनी नेशनल चैंपियनशिप में कंपाउंड बो कैटेगरी में हिस्सा लिया और टीम गोल्ड मेडल जीता।

इसके बाद कुशल ने नेशनल लेवल पर कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और जूनियर, सब-जूनियर और अंडर-14 कैटेगरी में मेडल जीते, जिससे वे एक होनहार युवा कंपाउंड आर्चर के तौर पर उभरे। उन्होंने 2021 यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहली बार किसी बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और शानदार शुरुआत करते हुए दो वर्ल्ड मेडल जीते।

इनमें एक मिक्स्ड टीम इवेंट में और दूसरा टीम इवेंट में था। इस बड़ी कामयाबी ने उन्हें तीरंदाजी को प्रोफेशन के तौर पर अपनाने और जूनियर व सीनियर इंडियन टीमों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान कुशल दलाल ने आज से पहले तक 12 इंटरनेशनल मेडल जीते। इसमें 7 गोल्ड, 3 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं।

तिरुमुरु गणेश मणिरत्नम

तिरुमुरु गणेश मणिरत्नम का जन्म 9 मई 2006 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने 2016 में तीरंदाजी का सफर शुरू किया। घरेलू सर्किट में उनकी तरक्की के कारण उन्हें भारतीय कंपाउंड टीम में चुना गया, जहां उन्होंने बड़े इंटरनेशनल यूथ इवेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। गणेश अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को देते हैं।
खेल में शिखर तक पहुंचने की मजबूत महत्वाकांक्षा के साथ, उनका लॉन्ग-टर्म लक्ष्य वर्ल्ड चैंपियन बनना और वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप तीन कंपाउंड तीरंदाजों में जगह बनाना है। अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान उन्होंने इससे पहले त 5 इंटरनेशनल मेडल जीते हैं। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्‍ज शामिल है।

यह भी पढ़ें- तीरंदाजी में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी और चीन को मात, जानिए एशियन गेम्स में सोना जीतने वाली भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' के बारे में

यह भी पढ़ें- आर्चरी में भारत का डबल धमाका: साहिल और चिकिता ने दक्षिण कोरिया को चटाई धूल, LA ओलंपिक का कोटा भी पक्का