आर्चरी में भारत का डबल धमाका: साहिल और चिकिता ने दक्षिण कोरिया को चटाई धूल, LA ओलंपिक का कोटा भी पक्का
आर्चरी में भारत ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है।

साहिल राजेश जाधव और चिकिता तनिपर्थी
HighLights
कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता
फाइनल मुकाबला बेहद ही रोमांचक रहा
शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया को 10-9 से हराया
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। जापान के आइची नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में आज भारत को शुरुआत में ही दोहरी खुशखबरी मिली। महिला आर्चरी टीम (चिकिता, प्रीतिका और ज्योति) ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इसके कुछ समय बाद ही भारती की झोली में दूसरा पीला तमगा आया।
आर्चरी में भारत ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है। साहिल राजेश जाधव और चिकिता तनिपर्थी की भारतीय कंपाउंड मिक्स्ड टीम जोड़ी ने शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया को 10-9 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। नॉर्मल सेट के आखिर में स्कोर 157-157 से बराबरी पर था। यह भारत का 8वां गोल्ड मेडल है।
फाइनल मुकाबला बेहद ही रोमांचक रहा। साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थी शूट-ऑफ में अपना संयम बनाए रखा, जबकि कोरियाई खिलाड़ी चोई ऐसा नहीं कर पाए। शूट-ऑफ में चिकिथा ने 10 के स्कोर के साथ शुरुआत की। पार्क ने भी 10 का स्कोर किया। साहिल ने भी 10 का स्कोर करके चोई पर दबाव बनाया, जिन्होंने 9 का स्कोर किया। आर्चरी में चिकिता का यह दूसरा और साहिल का पहला गोल्ड मेडल है। इस जीत के साथ ही भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक में कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा भी हासिल कर लिया है।
पड़ोसी से प्रेरित हुए साहिल
साहिल राजेश ने 2016 में अपने पड़ोसी से प्रेरित होकर तीरंदाजी का सफर शुरू किया, जो खुद एक तीरंदाज थे। स्कूल के दिनों में कई खेलों में हिस्सा लेने के बाद, साहिल किसी एक खेल को गंभीरता से आगे बढ़ाना चाहते थे। अपने पड़ोसी को तीरंदाजी का अभ्यास करते देख उनमें दिलचस्पी जगी और उन्होंने इस खेल को अपनाने का फैसला किया।
इसके बाद उन्होंने 'दृष्टि आर्चरी एकेडमी' में ट्रेनिंग शुरू की, जहां उन्होंने अपनी बुनियादी स्किल्स को बेहतर बनाया और धीरे-धीरे एक कॉम्पिटिटिव तीरंदाज के तौर पर आगे बढ़े। साहिल के खेल के सफर में कई चुनौतियां और अनिश्चितता के दौर आए। कभी-कभी पैसों की तंगी के कारण उनकी ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने में मुश्किलें आईं।
2022 में, आर्थिक हालात की वजह से उन्होंने तीरंदाजी छोड़ने के बारे में भी सोचा था। हालांकि, उनके परिवार, खासकर उनके पिता ने उन्हें लगातार हिम्मत और प्रेरणा दी। उनके माता-पिता ने खेल को जारी रखने के उनके फैसले का पूरा समर्थन किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे आर्थिक चुनौतियों को संभाल लेंगे, ताकि साहिल अपने खेल के लक्ष्यों पर ध्यान दे सकें।
साहिल ने 2025 में इंटरनेशनल लेवल पर बड़ी कामयाबी हासिल की और तब से वे 'आर्चरी वर्ल्ड कप' के स्टेज और कॉन्टिनेंटल इवेंट्स जैसी बड़ी इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान, उन्होंने 3 इंटरनेशनल मेडल (1 गोल्ड, 1 ब्रॉन्ज और 1 सिल्वर) जीते हैं।
