Exclusive: विराट कोहली जैसा कुछ कर गुजरना चाहते हैं हिमांशु ढिल्लों, निशानेबाजी में देश को दिलाना चाहते हैं ज्यादा से ज्यादा मेडल
हिमांशु ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में चुनौती मिलना अच्छी बात है। इससे खिलाड़ी खुद को बेहतर करने के ...और पढ़ें

हिमांशु ढिल्लों

समय कम है?
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शेखर झा, जागरण नई दिल्ली। जापान के आईची-नागोया में जारी एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 20 वर्षीय युवा निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने सोमवार को 10 मीटर एयर राइफल की टीम और व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद हिमांशु ने दैनिक जागरण से खास बातचीत में अपने अनुभव, तैयारियों, दबाव और भविष्य के लक्ष्य के बारे में बात की। हिमांशु ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में चुनौती मिलना अच्छी बात है। इससे खिलाड़ी खुद को बेहतर करने के लिए प्रेरित होता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कोच और स्पोर्ट्स साइंस टीम को भी दिया।
क्या थी सबसे बड़ी चुनौती
उन्होंने कहा कि मेरी कोच ने मुझे बहुत अच्छी तरह से तैयार किया। स्पोर्ट्स साइंस टीम ने भी फाइनल और मुकाबलों को लेकर मेरी अच्छी तैयारी कराई। उन्होंने मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
युवा निशानेबाज ने कहा कि एशियाई खेलों में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती देश के दिग्गज निशानेबाजों द्वारा बनाई गई विरासत को आगे बढ़ाने की थी।
हिमांशु ने कहा कि हमारे सीनियर और दिग्गज खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया है। मैं उसी विरासत को आगे बढ़ाना चाहता था। मेरा लक्ष्य भी भारत के लिए पदक जीतना और भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए बड़ी उपलब्धियां हासिल करना है।
इस वजह से थोड़ा दबाव जरूर था, लेकिन मेरे साथ मौजूद कोच और सपोर्ट स्टाफ ने काफी सहयोग किया। मैं खुश हूं कि देश के लिए पदक जीतने में सफल रहा।
विराट को मानते हैं आदर्श
हिमांशु भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को अपना आदर्श मानते हैं। वह कोहली की खेल के प्रति प्रतिबद्धता और मैदान के बाहर उनके सहज व्यवहार से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि विराट से प्रेरणा लेने के लिए बहुत सी बातें हैं। सबसे पहली उनकी खेल के प्रति प्रतिबद्धता है। उन्होंने काफी कुछ हासिल किया है।
उन्होंने सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों के दौर से शुरुआत की और आज खुद भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि विराट की जमीन से जुड़ी रहने की आदत भी उन्हें काफी प्रभावित करती है। हिमांशु बोले कि मैं भी विराट कोहली जैसा नाम कमाना चाहता हूं और हमेशा जमीन से जुड़ा रहना चाहता हूं।
मैं अपने देश और माता-पिता के लिए जितना संभव हो सके, उतना करना चाहता हूं। मेरा लक्ष्य देश के लिए ज्यादा से ज्यादा पदक जीतना है। विराट ने अपने देश के लिए बहुत कुछ किया है और उम्मीद है कि मैं भी भविष्य में ऐसा कर पाऊंगा।
साथियों के लिए हिमांशु का संदेश
निशानेबाजी टीम के इस एशियाई खेल में कितने पदक जीतने की उम्मीद है, इस सवाल पर हिमांशु ने कहा कि वह इस बारे में कोई आंकड़ा नहीं बता सकते। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों की उम्मीदों, मानसिक मजबूती और किस्मत पर भी निर्भर करता है।
हिमांशु ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि हमारे सभी निशानेबाज पोडियम पर जगह बनाएं। मैं अपने सभी भाइयों और दोस्तों को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे सभी पदक जीतकर देश का नाम रोशन करें।
