मेरा ध्यान प्रतियोगी पर नहीं, पदक पर रहता है : गुलवीर
राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी सफलता से उत्साहित गुलवीर सिंह अब जापान में होने वाले एशियाई खेलों में भारत के लिए ...और पढ़ें

गुलवीर सिंह की नजरें एशियन गेम्स में पदक जीतने पर
HighLights
गुलवीर सिंह एशियाई खेलों में पदक जीतने को तैयार
राष्ट्रमंडल खेलों में जीता था कांस्य और रजत पदक
5000 मीटर और 10000 मीटर स्पर्धाओं में लेंगे हिस्सा
आईएएनएस, नई दिल्ली: हाल ही में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी सफलता से उत्साहित भारत के शीर्ष लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह की नजरें अब 19 सितंबर से जापान के आइची-नगोया में होने वाले एशियाई खेलों में भारत के लिए पदक जीतने पर टिकी हैं।
गुलवीर ने कहा कि एक बार जब वह स्टार्टिंग लाइन पर खड़े हो जाते हैं, तो उनका पूरा ध्यान प्रतियोगियों के बारे में सोचने के बजाय पदक जीतने पर रहता है।
दबाव का सामना करने तैयार
गुलवीर ने कहा कि निश्चित रूप से दबाव होगा क्योंकि एशियाई खेलों में उच्च स्तर के एथलीट हिस्सा लेते हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में पदक ने मुझे बहुत आत्मविश्वास दिया। सरकार से लगातार सपोर्ट भी मिला है, जो बेहद अहम है। गुलवीर इन खेलों में 500 मीटर, 5000 मीटर और 10000 मीटर इवेंट में हिस्सा लेंगे। ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों में गुलवीर ने पुरुषों की 5000 मीटर रेस में 13:24.95 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता।
इसके बाद उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में 27:49.78 की टाइमिंग के साथ रजत पदक जीता। राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए यह ऐतिहासिक पहला मौका था।
हर कोई जीतना चाहते हैं पदक
गुलवीर ने कहा कि जब आप स्टार्टिंग लाइन पर खड़े होते हैं, तो आपके दिमाग में बस एक ही ख्याल होता है, देश के लिए मेडल जीतना। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके बगल में कौन खड़ा है। हर कोई बराबर मेहनत करता है, और रेस के दिन, सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि किसका शरीर बेहतर तरीके से टिकता है। सभी प्रतियोगी पूरी तैयारी के साथ आएंगे, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि मैं भारत के लिए पदक लाऊंगा। पहले, हम सोचते थे कि विदेशी धावक हमसे कहीं बेहतर हैं। लेकिन बड़े स्टेज पर उनके साथ मुकाबला करने के बाद, हमें एहसास हुआ कि हम उनके स्तर पर हैं। मेरे कोच स्काट सिमंस अंतरराष्ट्रीय धावकों के गेम प्लान का विश्लेषण करके खास तौर पर हमारे ट्रेनिंग सेशन को डिजाइन करते हैं।
