मुंबई, एजेंसी। भारत अब तक ओलंपिक में पहलवानी में काफी अच्छा प्रदर्शन करता आया है। भारत को व्यक्तिगत खेलों में सबसे ज्यादा पदक भी अब तक पहलवानी में ही मिले हैं। पिछले ओलंपिक में भी महिला पहलवान साक्षी मलिक ने भारत को कांस्य पद दिलाया था। इस साल भारत के ओलंपिक में पहलवानी से ज्यादा पदक की उम्मीद है।

एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पहलवानों के बेहतर प्रदर्शन करने और पदक जीतने को लेकर आश्वस्त हैं। पिछले साल कजाखस्तान में हुए विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में बजरंग ने 65 किग्रा भारवर्ग के जरिए ओलंपिक कोटा हासिल किया था।

बजरंग के साथ तीन और पहलवानों दीपक पुनिया (सिल्वर, 86 किग्रा), विनेश फोगाट (बॉन्ज, 53 किग्रा) और रवि कुमार दहिया (ब्रॉन्ज, 57 किग्रा) ने भी ओलंपिक का कोटा हासिल किया था। इन खिलाड़ियों के अच्छे फॉर्म को देखते हुए ही बजरंग इस बार भारत के लिए ज्यादा पदक जीतने की उम्मीद लगा रहे हैं।

स्टार पहलवान का मानना है कि विश्व चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के प्रदर्शन ने दिखा दिया है कि वे अच्छी फॉर्म में हैं। पूनिया ने कहा कि मुझे लगता है कि टोक्यो ओलंपिक में कुश्ती में हम तीन से चार पदक जीत सकते हैं। विश्व चैंपियनशिप, ओलंपिक से भी ज्यादा मुश्किल थी, लेकिन हमने वहां शानदार प्रदर्शन किया था, इसलिए मुझे लगता है कि भारतीय पहलवान शीर्ष फॉर्म में हैं, जो कि उन्हें टोक्यो में पदक का दावेदार बनाता है।

भारतीय पहलवानों का ओलंपिक में प्रदर्शन 

पिछले तीन ओलंपिक से भारत का पहलवानी दल खाली हाथ नहीं लौटा है। सुशील कुमार ने साल 2008 में हुए बीजिंग ओलंपिक में कांस्य जीता, इसके बाद 2012 में लंदन ओलंपिक में सुशील ने सिल्वर जीता और साल 2016 के ओलंपिक में योगेश्वर दत्त और महिला पहलवान साक्षी मलिक ने ब्रॉन्ज जीता। 

 

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