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खेल मंत्री ने ली एशियाड समीक्षा बैठक, प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों पर उठे सवाल

Published: Fri, 16 Oct 2026 01:29 PM (IST)

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एशियाई खेलों के प्रदर्शन की समीक्षा बैठक की, जिसमें एथलेटिक्स और बैडमिंटन में उम्मीद से ...और पढ़ें

खेल मंत्री ने ली बैठक

खेल मंत्री ने ली बैठक 

HighLights

  1. खेल मंत्री ने एशियाई खेलों के प्रदर्शन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

  2. एथलेटिक्स और बैडमिंटन में कम पदक, चोटिल खिलाड़ियों पर चिंता व्यक्त की

  3. 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए युवा प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर दिया

पीटीआई, नई दिल्ली: एशियाई खेलों में एथलेटिक्स और बैडमिंटन में अपेक्षा के अनुरूप पदक नहीं मिलने और चोटिल खिलाड़ियों की भागीदारी का मुद्दा खेल मंत्रालय की समीक्षा बैठक में उठा। बैठक की अध्यक्षता खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने की। इसमें खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा, खेल सचिव हरि रंजन राव और राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

भारत ने आइची नागोया एशियाई खेलों में 21 स्वर्ण सहित 85 पदक जीते थे, जबकि हांगझू में 107 पदक मिले थे। एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, मांडविया ने कहा कि संसाधनों की कमी नहीं थी और महासंघ वित्तीय सहयोग को लेकर शिकायत नहीं कर सकते। उन्हें प्रेजेंटेशन के बजाय मैदान पर नतीजे देने और भविष्य की योजना बनाने को कहा गया।

उषा ने उठाया चोटों का मुद्दा

उषा ने धाविका ज्योति याराजी और त्रिकूद खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल समेत प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों का मुद्दा उठाया। यह बात भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के सलाहकार आदिल सुमरिवाला के प्रदर्शन विश्लेषण के दौरान कही गई। मांडविया ने विशेष मामलों के बजाय पूरे प्रदर्शन पर ध्यान देने को कहा। एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक छह से घटकर एक रह गए। इस खेल में कुल 24 पदक मिले, जो पिछली बार से पांच कम थे।

2030 बनाया लक्ष्य

भारतीय मुक्केबाजों ने तीन स्वर्ण जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। महासंघ ने संस्थागत सहयोग जारी रहने पर प्रदर्शन में सुधार का वादा किया। अध्यक्ष अजय सिंह और सचिव प्रमोद कुमार के बीच जारी सत्ता संघर्ष और एक-दूसरे को बर्खास्त करने का मामला बैठक में नहीं उठा। मांडविया ने युवा प्रतिभाओं की पहचान और प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि मीराबाई चानू जैसी 10 और खिलाड़ी तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों तक खिलाड़ियों को शीर्ष स्तर पर पहुंचाने के लिए बेहतर माहौल बनाने की बात कही।

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