सुनील कुमार ने कुश्ती में गाड़ा झंडा, एशियन गेम्स में जीता ब्रॉन्ज मेडल; निशा दहिया की टूटी उम्मीदें
सुनील कुमार ने पुरुषों के 87 किग्रा ग्रीको रोमन वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा, वे दो एशियाई खेलों ...और पढ़ें

सुनील कुमार

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पीटीआई, नागोया। सुनील कुमार दो एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारत के पहले ग्रीको रोमन पहलवान बन गए, जिन्होंने बुधवार को पुरुषों के 87 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता, जबकि निशा दहिया प्रतियोगिता के पहले ही दिन हारकर बाहर हो गई।
सुनील ने फिलीपीन के राबटर्स कालम जॉनस्टन को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर कांस्य पदक जीता। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी का दाहिना हाथ बांधकर उन्हें पटखनी देते हुए 4-0 से बढत बना ली। रक्षात्मक खेल रहे जानस्टन को पार टेरे पोजिशन से जमीन पर गिराते हुए सुनील ने स्कोरिंग मूव बनाते हुए पहले ही पीरियड में मुकाबला जीत लिया।
लगातार दूसरी बार जीता पदक
कुश्ती के खेल में पार टेरे ऐसी पोजिशन है जहां एक पहलवान रक्षात्मक रूप से जमीन पर लेटता है या अपने घुटनों और हाथों पर बैठता है और दूसरा पहलवान उसके ऊपर आक्रामक स्थिति में होता है। सुनील ने हांगझोउ में 2023 खेलों में भी कांस्य पदक जीतकर ग्रीको रोमन शैली में भारत का पदक का 13 साल का इंतजार खत्म किया था।
इससे पहले रविंदर सिंह और सुनील कुमार ने 2010 में ग्वांग्झू खेलों में कांस्य पदक जीता था। हरियाणा के 27 वर्ष के सुनील सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिडा से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार गए थे।
महिलाओं में मिली हार
महिलाओं के 68 किग्रा वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में निशा को एक बार फिर उत्तर कोरिया की सोल गुम पाक के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। निशा को पेरिस ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में भी पाक के हाथों हार मिली थी।
