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Asian Games 2026: रोशिबिना की हुई ‘चांदी’, एथलेटिक्स में मिले रजत और कांस्य

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:42 PM (IST)

जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियाई खेलों में भारत ने आज दो रजत सहित कुल पांच पदक जीते, ...और पढ़ें

रोशिबिना और सीमा ने किया कमाल

रोशिबिना और सीमा ने किया कमाल 

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली : जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियाई खेलों में भारत के लिए गुरुवार का दिन भी शानदार रहा और भारतीय खिलाड़ियों ने दो रजत सहित कुल पांच पदक जीते। इसके साथ ही भारत के पदकों की संख्या 17 पहुंच गई है, जिसमें एक स्वर्ण पदक शामिल है। गुरुवार को स्कीट निशानेबाजी, वुशू, रोइंग और एथलेटिक्स में पदक आए।

वुशु में रोशिबिना ने बनाया इतिहास

मणिपुर की 25 वर्षीय वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। चीन की झांग शिया ओयू से फाइनल हारने के बावजूद वह एशियाई खेलों में लगातार तीन पदक जीतने वाली भारत की पहली वुशु खिलाड़ी बन गईं। यह उनका दूसरा रजत और कुल तीसरा एशियाड पदक है। खास बात है कि रोशिबिना देवी मूल टीम में शामिल नहीं थीं और उन्हें दिव्यांशी चौधरी के चोटिल होने के बाद टीम में शामिल किया गया था।

एथलेटिक्स में आए दो पदक

दिन की शुरुआत रोशिबिना ने रजत पदक जीतकर की तो शाम होते-होते एथलेटिक्स में भारत की झोली में दो पदक आए। 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले में पूवम्मा राजू, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु टीएस ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड के समय के साथ रजत जीता। भारत ने हांगंझू में भी इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के एशियाई खेल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।

महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में सीमा कुमारी ने 32:50.05 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। यह इस स्पर्धा में 16 साल बाद भारत का पदक है और एशियाई खेलों में भारत का केवल तीसरा पदक है।

निशानेबाजी में मिला आठवां पदक

अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों की स्कीट मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। यह एशियाई खेलों की मिक्स्ड टीम स्कीट स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। इस कांस्य के साथ भारतीय स्कीट टीम ने महज दो दिन में तीन पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। 20वें एशियाई खेलों में निशानेबाज अब तक आठ पदक जीत चुके हैं। अनंतजीत नरूका और परिनाज धालीवाल की भारतीय स्कीट जोड़ी ने खराब शुरुआत के बावजूद दबाव के आगे घुटने नहीं टेके और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए अंतिम निशाने तक संघर्ष जारी रखा। भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए पदक जीता क्योंकि क्वालीफिकेशन के शुरुआती दौर में नरूका और परिनाज ने 50 में से सिर्फ 44 निशाने साधे थे।

पदक जीतने के बाद नरूका ने कहा कि हमारी शुरुआत मुश्किल रही। हम दोनों ने पहले दौर में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया लेकिन फिर हमने एक-दूसरे से कहा कि हम अब भी वापसी कर सकते हैं। हमारे पास दो और दौर थे और हमने अंतिम निशाने तक लड़ने का फैसला किया।

भारतीय जोड़ी ने इसके बाद अपने प्रदर्शन में सुधार किया। दूसरे दौर में उन्होंने 47 निशाने साधे और तीसरे दौर में भी इतने ही निशाने लगाकर क्वालीफिकेशन में कुल 138 अंक जुटाए और चार टीम वाले फाइनल में जगह बनाई।

परिनाज ने कहा कि दोनों के बीच संदेश शुरू से अंत तक एक ही रहा कि अंतिम निशाने तक संघर्ष करते रहना है और नतीजे की चिंता बाद में करना। यह अंत तक लड़ने के बारे में था।

10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य से चूकी भारतीय टीम

पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा। पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारतीय टीम कांस्य पदक से चूक गई और चौथे स्थान पर रही। कमलजीत, बालकृष्ण केदारलिंग उचागांवे और आकाश भारद्वाज की तिकड़ी छह सीरीज में 1730 का स्कोर बनाकर चौथे स्थान पर रही। वहीं व्यक्तिगत स्पर्धा में कोई भी भारतीय क्वालीफाई नहीं कर सका।

रोइंग में खुला खाता

रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष डबल स्कल्स में कांस्य पदक जीता। उसने 6:13.25 सेकेंड का समय निकाला और चीन से 3.88 सेकेंड पीछे रही। सतनाम ने कहा कि दोनों इस स्पर्धा के लिए पांच दिन पहले साथ आए थे। उन्होंने कम समय में पदक जीतने पर गर्व जताया।

टेटे में श्रीजा-सिंड्रेला, यशस्वी-दिया और शाह जीते

टेबल टेनिस में महिला डबल्स में भारत की श्रीजा अकुला-सिंड्रेला दास और यशस्वी घोरपड़े-दिया चितले की जोड़ियां प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं। वहीं पुरुष सिंगल्स में मानुष शाह और मानव ठक्कर भी आगे बढ़े। श्रीजा और सिंड्रेला ने अपने दूसरे राउंड के मैच में मंगोलिया की बुरेन्जार्गल संजा और बोलर-एर्डेने बाटमुंख को 3-0 (11-5, 11-4, 12-10) से हराया। अंतिम-16 में, श्रीजा और सिंड्रेला का मुकाबला चीन की मजबूत जोड़ी कुआई मैन और वांग मान्यु से होगा।

यशस्वी और दिया की दूसरी भारतीय जोड़ी ने भी ईरान की सेतायश इलूखानी और महशिद अश्तारी को 3-0 (11-2, 11-2, 11-4) आसानी से हरा दिया। यशस्वी और दिया का अगला मुकाबला अंतिम-16 में चीन की फैन शुहान और चेन यी से होगा।

वहीं पुरुष सिंगल्स में मानुष शाह ने मलेशिया के वोंग क्यूई शेन को 4-0 से हराकर अंतिम-32 में जगह बनाई। अब उनका मुकाबला ईरान के बेन्यामिन फराजी से होगा। वहीं मानव ठक्कर पहले राउंड में बाई मिलने के बाद अंतिम-32 में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने। वह दूसरे दौर में वह दक्षिण कोरिया के यू ताए र्योंग का सामना करेंगे।

मुक्केबाज परवीन को मिला वाकओवर, साक्षी और सुमित बाहर

मुक्केबाजों के लिए गुरुवार का दिन मिला जुला रहा। 65 किग्रा वर्ग में भारतीय मुक्केबाज परवीन वॉकओवर मिलने के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं, तो राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन साक्षी चौधरी 51 किलोग्राम भारवर्ग में कजाखस्तान की अलुआ बाल्कीबेकोवा से प्री क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गई। 26 वर्ष की साक्षी ने हाल ही में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। पहले दौर के बाद कजाखस्तान की मुक्केबाज 3-2 से आगे थी। दूसरे दौर में साक्षी ने आक्रामकता दिखाई, लेकिन बाल्कीबेकोवा ने 3-2 से फिर बढत बनाई। आखिरी दौर में साक्षी वापसी करने में नाकाम रहीं।

इससे पहले सुमित पुरुषों के 70 किलो प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इराक के अल सारे अली के विरुद्ध चोट के कारण बाहर हो गए। हरियाणा के 23 वर्ष के सुमित पहले दो दौर में आगे थे, लेकिन तीसरे दौर में एक मुक्के से बचने के प्रयास में उन्हें घुटने में चोट लगी और वह गिर गए। इसके बाद वह आगे खेल नहीं सके और रेफरी ने मुकाबला रोककर विरोधी को विजेता घोषित कर दिया। सुमित ने पहले मुकाबले में शानदार तरीके से थाईलैंड के बुंजोंग सिनसिरी को 5-0 से हराया था।

अनाहत और तन्वी के बीच होगा क्वार्टर फाइनल

स्क्वाश कोर्ट पर भारत के लिए दिन अच्छा रहा। अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, अभय सिंह और वीर चोटरानी सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए, जबकि जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार मिक्स्ड डबल्स के अंतिम-आठ में जगह बनाने में कामयाब रहे। अनाहत ने सिंगापुर की वाई लिन योंग को सिर्फ 19 मिनट में 3-0 (11-4, 11-5, 11-7) से हराकर अपने महिला सिंगल्स अभियान की शुरुआत की। इसके बाद तन्वी ने सिंगापुर की वाई यैन औ योंग को 39 मिनट में 3-1 (5-11, 11-4, 11-5, 13-11) से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इस बार कांस्य पदक के लिए सेमीफाइनल में हारने वाले दो खिलाड़ियों के बीच तीसरे-चौथे स्थान के लिए मैच होगा।

पुरुष सिंगल्स में अभय सिंह ने शानदार खेल दिखाते हुए श्रीलंका के रविंदु लक्षिरी को 25 मिनट में 3-0 (11-5, 11-6, 11-0) से हराया। अब क्वार्टर फाइनल में अभय का र्युनोसुके से होगा। वहीं वीर ने मलेशिया के संजय जीवा को कड़े मुकाबले में 3-2 (11-9, 8-11, 11-6, 15-17, 11-6) से हराया।

कबड्डी टीमों ने पक्के किए पदक

मौजूदा चैंपियन भारत ने पुरुषों और महिलाओं की कबड्डी में अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। पुरुषों ने अपने आखिरी मैच में चीनी ताइपे को 37-21 से जबकि महिलाओं ने जापान को 50-25 से मात दी। पुरुषों ने इससे पहले दक्षिण कोरिया, जापान और बांग्लादेश को हराया था और एक भी मैच हारे बिना सेमीफाइनल में पहुंच उन्होंने कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। शुरू से ही मैच में दबदबा बनाने वाली भारतीय टीम ने हाफटाइम तक 23-11 की बढ़ लेने के बाद दूसरा हाफ 14-10 से अपने नाम किया। भारत ने सफल रेड के जरिए 28 अंक कमाए जबकि ऑलआउट के जरिए छह अंक और तीन अंक बोनस के रूप में हासिल किए। साल 1990 में एशियाड में शामिल हुई कबड्डी में भारतीय पुरुष टीम ने अभी तक नौ पदक जीते हैं जिसमें आठ स्वर्ण पदक शामिल हैं। साल 2018 में टीम ने कांस्य पदक जीता था।

महिलाओं की टीम भी मौजूदा एशियाड मे अभी तक एक भी मैच नहीं हारी है। जापान के विरुद्ध इनका मैच पूरी तरह से एकतरफा रहा। टीम ने पहले हाफ में 32-13 की बढ़त ले ली थी जबकि दूसरे हाफ में इन्होंने 18 अंक बनाए।

कैनो स्प्रिंट में भारत चारों इवेंट में पदक से चूका

एशियाई खेलों में नौकायान में कैनो स्प्रिंट में भी भारत के लिए दिन फीका रहा। मियोशी लेक कैनो कोर्स पर चारों इवेंट में भारत पदक जीतने से चूक गया। राजू रावत और फिलेम ज्ञानेश्वर सिंह पुरुषों के कैनो डबल 500 मीटर फाइनल में नौवें और आखिरी स्थान पर रहे। इसके बाद भारत की पुरुषों की कयाक फोर टीम 500 मीटर फाइनल में सातवें स्थान पर रही। वहीं महिलाओं की कयाक डबल 500 मीटर स्पर्धा में सोनिया देवी फारेम्बम और पार्वती गीता अपने-अपने सेमीफाइनल में आखिरी स्थान पर रहीं। जबकि मेघा प्रदीप भी महिलाओं की कैनो सिंगल 200 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह नहीं बना सकीं।

गुरिंदरवीर और अनिमेष 100 मीटर के सेमीफाइनल में

राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर ने एशियाई खेलों में पुरुषों की 100 मीटर रेस के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। हालांकि आशा इलांगो बेहद नजदीकी अंतर से त्रिकूद में पदक जीतने से दूर रह गईं और उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। पहली हीट में उतरे अनिमेष ने 10.36 सेकेंड का वक्त निकालते हुए तीसरा स्थान हासिल किया जबकि गुरिंदरवीर 10.38 सेकेंड का वक्त निकालते हुए चौथी हीट में दूसरे स्थान पर रहे। अपनी-अपनी हीट के शीर्ष तीन में रहने के साथ ही दोनों एथलीट्स ने सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया।

शुरुआत में थोड़े दबाव में लग रहे कुजूर ने आखिरी 25 मीटर में अपनी गति तेज करते हुए क्वालिफिकेशन हासिल किया। थाईलैंड के पुरीपोल बूनसन ने महज 9.95 सेकंड का वक्त निकालकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वह बेहद नजदीकी अंतर से एशियाई खेलों का रिकार्ड तोड़ने से चूक गए।त्रिकूद में इलांगो का आखिरी प्रयास 13.59 मीटर का रहा और वह चीन की यि लि के बराबर दूरी तय करने के बावजूद पदक नहीं हासिल कर पाईं। दरअसल इन दोनों का सर्वश्रेष्ठ 13.83 मीटर ही था लेकिन यि लि का दूसरा प्रयास इलांगो से बेहतर होने के नाते उन्हें कांस्य पदक मिला।

दिलप्रीत की हैट्रिक, हॉकी टीम की तीसरी जीत

दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक के दम पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 20वें एशियाई खेलों में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए दक्षिण कोरिया को 8 -2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। पूल ए में शीर्ष पर काबिज भारत ने इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हराया था। अब अंतिम ग्रुप मैच में भारत का सामना 26 सितंबर को जापान से होगा। भारत के लिए दिलप्रीत सिंह (10वां, 26वां और 32वां) ने तीन और फॉरवर्ड अभिषेक (15वां और 38वां मिनट) ने दो गोल किए, जबकि शिलानंद लाकड़ा (चौथा), सुखजीत सिंह (दसवां), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वां) और राजिंदर सिंह (60वां) ने एक एक गोल दागा। वहीं दक्षिण कोरिया के लिए किम जाएहो (42वां) और किम योंगबोक (52वां) ने गोल दागे।

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