नई दिल्ली, जेएनएन। नई दिल्ली, जेएनएन: भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधू का मानना है कि भारतीय बैडमिंटन खिलाडि़यों को एशियन गेम्स की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह 2014 टूर्नामेंट की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

2014 में भारतीय बैडमिंटन दल को सिर्फ एक कांस्य पदक मिला था। भारतीय महिला टीम ने चार साल पहले इंचियोन में कांस्य पदक जीता था और सिंधू को उम्मीद है कि वह 18 अगस्त से शुरू हो रहे इन खेलों में इस बार पदक का रंग बदलने में सफल रहेंगी।

रविवार को विश्व चैंपियनशिप में अपना दूसरा रजत और कुल चौथा पदक जीतने वाली सिंधू ने कहा, 'निश्चित तौर पर एशियन गेम्स काफी अलग होने वाला है क्योंकि हमें टीम स्पर्धाओं के अलावा व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी हिस्सा लेना है। तैयारी के लिए काफी समय समय है लेकिन एक टीम के रूप में पिछली बार हमने कांस्य पदक जीता था। इस बार हमें बेहतर पदक की उम्मीद है। साथ ही व्यक्तिगत स्पर्धा में मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगी। विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक से मनोबल बढ़ा है। मुझे उम्मीद है कि मैं आगे बढ़ूंगी और अच्छा प्रदर्शन करूंगी।

 भारत ने एशियन गेम्स की महिला सिंगल्स स्पर्धा में अब तक कभी कोई पदक नहीं जीता है। आठ बार के पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन सैयद मोदी एशियन गेम्स में भारत के एकमात्र व्यक्तिगत पदक विजेता हैं जिन्होंने 1982 में नई दिल्ली खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था।

विश्व चैंपियनशिप में प्रदर्शन के बारे में सिंधू ने कहा, 'मैं रजत पदक जीतकर काफी खुश हूं। यह अच्छा हफ्ता रहा। आप सभी को पता है कि ड्रॉ मुश्किल था। पहले दौर से ही अच्छे कड़े मुकाबले हुए। मेरी तरफ से यह अच्छा है कि मैंने अपना शत प्रतिशत दिया। निश्चित तौर पर मुझे और कड़ी मेहनत करनी होगी जब तक कि मुझे स्वर्ण पदक नहीं मिल जाता। उम्मीद करती हूं कि एक दिन मुझे यह मिलेगा।'

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Posted By: Lakshya Sharma