20 साल के किमी एंटोनेली ने रचा इतिहास, F1 का वर्ल्ड चैंपियन बनकर तोड़ डाला 16 साल पुराना रिकॉर्ड
20 साल के मर्सिडीज के ड्राइवर किमी एंटोनेलिया ने एफ-1 का वर्ल्ड चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया है। इटली के एंटोनेली एफ-1 वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले सबसे युवा ड्राइवर बने।

किमी एंटोनेलिया
HighLights
चार रेस बाकी रहते ही मर्सिडीज के इतालवी ड्राइवर ने जीत ली दुनिया
सेबेस्टियन वीटल के नाम था सबसे कम उम्र में चैंपियन बनने का रिकॉर्ड
एंटोनेली एफ-1 इतिहास में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले बने सबसे युवा ड्राइवर
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। 26 अक्टूबर की देर रात अमेरिका के आस्टिन में खत्म हुई अमेरिकन ग्रांप्रि रेस जीतने के बाद मर्सिडीज के 20 वर्षीय इतालवी ड्राइवर किमी एंटोनेली वायरल का शिकार हो गए थे।
हफ्ते भर के अंदर उन्हें मैक्सिकन ग्रांप्रि में उतरना था। हालात इतने खराब थे कि किमी मेक्सिको सिटी में बमुश्किल अपनी प्रैक्टिस रेस में हिस्सा ले पाए और उन्हें मीडिया ड्यूटी से दूर रखा गया। मैक्सिकन ग्रांप्रि को मिलाकर सीजन में अभी पांच रेस बची थीं और किमी लगभग विश्व चैंपियन बन चुके थे, उन्हें खिताब अपने नाम करने के लिए कुछ अंक ही चाहिए थे।
एंटोनेली ने रच दिया इतिहास
मैक्सिको में रविवार रात नौवां स्थान हासिल करके भी वह चैंपियन बन जाते, लेकिन वायरल से जूझने वालों को पता है कि ये बीमारी शरीर तोड़ देती है और एफ-1 जैसी कठिन रेस, जहां पहले ही शरीर को इतना कष्ट उठाना रहे, वहां ये टूटा शरीर कैसे चले... लेकिन ये शरीर चला और रेड बुल के मैक्स वर्सटापेन और फरारी के लुइस हैमिल्टन के बाद तीसरे नंबर पर रहते हुए एंटोनेली एफ-1 के इतिहास में विश्व चैंपियन बनने वाले सबसे युवा ड्राइवर बन गए।

फिनिश लाइन पार करते ही वह कांपते स्वर में बोले- हमने कर दिखाया, हमने कर दिखाया। चार रेस बाकी रहते ही दुनिया जीत चुके एंटोनेली ने जीत के बाद कहा, 'मुझे लगता है कि मैंने दो सेकेंड गंवा दिए क्योंकि मैं ठीक से आगे नहीं देख पा रहा था, मुझे शायद दो फेरारी गाड़ियां दिखीं। यह बहुत खास था। उस पल मेरे दिमाग में कई यादें ताजा हो गईं।'
मेक्सिको के बाद, एफ-1 अब ब्राजील और फिर लास वेगास जाएगा। कतर और अबू धाबी में होने वाले आखिरी दो ग्रांप्रि होंगी या नहीं, यह अभी तय नहीं है, क्योंकि उस क्षेत्र में हालात अस्थिर हैं।
एंटोनेली की विजय के अहम पल
पहली बड़ी जीत
चाइनीज ग्रांप्रि की शुरुआत में एंटोनेली ने सात बार के चैंपियन लुइस हैमिल्टन को पछाड़ते हुए फॉर्मूला वन (एफ-1) इतिहास के दूसरे सबसे कम उम्र के रेस विजेता बने।
मुश्किल समय में दृढ़ संकल्प
ब्रिटिश ग्रां प्री, बार्सिलोना ग्रां प्री, ऑस्ट्रिया ग्रां प्री जैसी रेसों में कई बार एंटोनेली के सामने समस्याएं आईं, लेकिन वह डटे रहे और खिताब का पीछा नहीं छोड़ा।

घरेलू सरजमीं पर अनोखी जीत
अपने एफ-1 रेस वीकेंड पदार्पण के दौरान मोंजा में क्रैश होने के दो साल बाद, एंटोनेली ने घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया। ग्रिड पर 19वें स्थान से शुरुआत करते हुए, एंटोनेली ने 17वें लैप तक बढ़त बनाई और फिर उनकी जीत पर कोई संदेह नहीं रहा।
पिछले 60 वर्षों में कोई भी इतालवी खिलाड़ी अपने घरेलू मैदान पर नहीं जीता था, और 1983 के बाद से ग्रिड पर इतनी पीछे से शुरुआत करके कोई भी ड्राइवर नहीं जीता था।
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