नई दिल्ली, एजेंसी। उम्र के साथ प्रदर्शन के मामले में और निखरते जा रहे टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल खेल को अलविदा कहने से पहले ओलिंपिक पदक जीतना चाहते हैं। बर्मिंघम कामनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन ने उनका हौसला बुलंद कर दिया है।

40 वर्षीय शरत ने बर्मिंघम खेलों में चार पदक जीते थे। उन्होंने मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण जीता और 16 साल बाद सिंगल्स वर्ग का स्वर्ण भी अपने नाम किया था। पिछले दो दशक से खेल रहे शरत का अभी संन्यास का इरादा नहीं है और ओलिंपिक पदक जीतने के लिए वह दो साल और खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा,'कामनवेल्थ गेम्स में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके अच्छा लगा। इस बार मैने चार पदक जीते। फिटनेस सफलता की कुंजी है और मैं खुद को फिट रखने के लिए काफी मेहनत करता आया हूं।'

शरत ने कहा,'मैं हमेशा अपने शरीर और दिमाग को फिट रखना चाहता हूं क्योंकि युवाओं में काफी फुर्ती है और मुझे उनसे मुकाबला करना है। पदक जीतने की भूख अभी भी है। मैं हमेशा बेहतर प्रदर्शन करना चाहता हूं। अभी दो साल के बारे में सोच रहा हूं। पेरिस ओलिंपिक में हम टीम स्पर्धा के लिए क्वालीफाई करके पदक जीत सकते हैं।'

उन्होंने कहा कि खेल का परिदृश्य बदल गया है। शरत ने कहा,'देश में टेबल टेनिस की लोकप्रियता बढी है और मुझे खुशी है कि हम अपने प्रदर्शन से आने वाली पीढी को प्रेरित कर रहे हैं। पहले मेरी रैंकिंग 130 थी जो अब 38 है और साथियान की रैंकिंग 36 है। हमारे पास इतनी ऊंची रैंकिंग वाले खिलाड़ी कभी नहीं थे।'

Edited By: Sanjay Savern