शेषनाथ राय, भुवनेश्वर। ओड़िशा के तीन जिले के 100 किमी. के दायरे में बुधवार को सुनाई देने वाली बम फटने की आवाज की तरह प्रचंड ध्वनि एवं इससे उत्पन्न हुई प्रकंपन की स्थिति का रहस्य अभी भी बरकरार है। स्थानीय इलाके में चर्चा हो रही है कि अब्दुल कलाम द्वीप किसी मिसाइल के परीक्षण के कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई होगी। हालांकि इसकी आवाज केवल तीन जिले में ही क्यों सुनाई दी, उस पर प्रश्नचिन्ह लगे हुए हैं।

20 नवम्बर 2020 को भी इसी तरह की आवाज

राज्य के विभिन्न शहर भूकम्प जोन तीन में हैं मगर बंगोप सागर के एक बेल्ट ही इस जोन में हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने इस ध्वनि के संदर्भ में जांच करने की मांग की है। यहां उल्लेखनीय है कि 20 नवम्बर 2020 को भी इसी तरह की आवाज इस इलाके में सुनी गई थी और लोग आतंकित हो गए थे। हालांकि उस समय भी जांच की बात कही गई मगर अभी तक किस कारण से उस समय इस तरह की घटना हुई थी उसके बारे में कोई जानकारी अभी तक नहीं मिल पायी है।

लोगों के मन में भय का माहौल

अब दोबारा नवम्बर महीने में ही इस तरह की इस तरह की घटना ने लोगों के मन में भय का माहौल बना दिया है। कुछ लोग इसे पश्चिम बंगाल में चल रहे वायुसेना के युद्धाभ्यास को भी वजह मान रहे हैं। सुपरसोनिक मिसाइल की स्पीड कारण इस तरह का प्रकंपन हो सकता है। हालांकि इस पर सेना या डीआरडीओ की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है।

तीव्रता को मापना सम्भव नहीं

स्थानीय मौसम वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने कहा है कि अधिकांश समय में जब भूकंप से सर्वनिम्न झटका लगता है, जिसे बूम कहा जाता है। इसका झटका बहुत कम होता है, ऐसे में इसकी तीव्रता को मापना सम्भव नहीं रहता है। ऐसे में इस तरह की घटनाओं का कोई लिखित स्पष्टीकरण नहीं मिल पाता है, मगर स्थानीय इलाके में होता है। उक्त इलाके के लोग इसे अनुभव करते हैं।मौसम विभाग के निदेशक ने कहा है कि अमेरिका में इस तरह की घटना ज्यादा होती है ऐसे में वहां के वैज्ञानिक इस पर अनुसंधान कर रहे हैं।

बम फटने जैसा प्रचंड शब्द दो बार सुनाई दिया

जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह 10 बजे प्रदेश के तीन जिले में बम फटने जैसा प्रचंड शब्द दो बार सुनाई दिया था। इस प्रचंड ध्वनि से इलाके में दहशत बन गई। लोग घरों से बाहर निकल आए। यह स्थिति तीन जिले के 100 किमी. के दायरे में देखी गई। कुछ जगहों पर भूकंप आने की तरह घर एवं दफ्तर में कंपन होने की बात कही गई है। ऐसे में कुछ लोग भूकंप आने की भी बात कर रहे हैं। हालांकि नेशलन सेटर आफ सेप्टोलाजी की तरफ से इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

Edited By: Vijay Kumar

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