संवाद सूत्र, राजगांगपुर : बिजली की अघोषित कटौती से सुंदरगढ़ जिले में चल रहे अधिकांश कल-कारखाने बंदी के कगार पर हैं। खासकर 33 केवीए से संचालित कल-कारखाने इससे ज्यादा प्रभावित हैं। उद्यमियों के मुताबिक, महीनों से बार बार बिजली कटने से कारखानों का उत्पादन 20 फीसद तक कम हो गया है। मंदी के इस दौर में ऐसा ही हाल रहा है तो कभी भी कारखानों में ताला लगने से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

इसे लेकर जिले के उद्यमियों ने राउरकेला इंडस्ट्रीयल एस्टेट स्थित वेस्को के अधीक्षण अभियंता से मिलकर समस्या का समाधान करने की मांग की है। अधीक्षण अभियंता से मिलने पहुंचे स्कैन स्टील के डॉयरेक्टर विनय गोयल, मैनेजर दीपक शर्मा, राधा रमन प्लांट के निदेशक नरेश गर्ग, सद्गुरु एशियाटिक गैसेस के निदेशक अमित बंका, चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव राजेश गर्ग, शिवा सीमेंट समेत अन्य उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले में विगत तीन चार वर्षों से कल-कारखानों की हालत दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। कई कारखाने बंद होने के बाद सीमित संख्या में ही कुछ कारखाने चल रहे हैं। लेकिन प्रत्येक दिन जिस प्रकार से सात से आठ घंटे बिजली कटौती हो रही है, वैसी सूरत में इन कल-कारखानों का भविष्य भी ज्यादा न दिख रहा है। बिजली कटौती की वजह से उत्पादन घट जाने से मुनाफा कम हो गया है। जबकि प्लांट पर होने वाला खर्च ज्यों का त्यों है। इसस उनकी ¨चता है कि वे अपना प्लांट चलाएं या फिर बंद कर दें। बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर कुतरा फीडर ,सुंदरगढ़ एवं राउरकेला फीडर अंचल के कल-कारखानों पर पडा है। बारिश के मौसम से पूर्व बिजली के तार-पोल की मरम्मत वेस्को द्वारा की जानी चाहिए जो नहीं हो रही है। इसके कारण बिजली सेवा निरंतर ठप रह रही है। अधीक्षण अभियंता ने उद्यमियों को समय रहते समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।

Posted By: Jagran

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