संवादसूत्र, सुंदरगढ़: प्राकृतिक आपदा से निपटने एवं इसके प्रबंधन पर जिला स्तरीय प्राकृतिक आपदा कमेटी की बैठक जिला मुख्यालय में जिलापाल सुरेंद्र कुमार मीणा की अध्यक्षता में हुई। इसमें संबंधित विभाग प्रमुखों व प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित तहसीलदार शामिल हुए। बैठक में जिलापाल ने किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए तीन दिन के अंदर तैयारी करने का निर्देश दिया है। बैठक में अतिरिक्त जिलापाल भास्करचंद्र तुरुक ने आपदा के सभी बिंदुओं पर प्रकाश डाला। इनमें पेयजल की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवा, पर्याप्त मात्रा में दवा की उपलब्धता, ग्रामीण मोबाइल हेल्थ टीम का गठन, समय से बाढ़ प्रभावित कृषि इलाकों को चिह्नित करना, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक मदद सहित सूखा खाद्य पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा हुई। सभी बीडीओ तथा तहसीलदारों को बाढ़ प्रभावित कृषि इलाकों की पहचान कर बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने की व्यवस्था करने सहित इसके लिए आवश्यक नावों की स्थिति का जायजा लेकर उन्हें दुरुस्त करने का निर्देश दिया। आपदा के हालात में आवागमन व्यवस्था एवं बेतार संचार सेवाओं को भी दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है। जिले के सभी नदी बांध को मजबूत करने तथा आवश्यक मात्रा में बालू से भरे बोरों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। यह कार्य 10 जून तक समाप्त करने का निर्देश दिया गया। कृषि विभाग को बाढ़ की स्थिति में आवश्यक मात्रा में बीज तथा खाद की व्यवस्था करने को कहा गया। बैठक में राउरकेला की अतिरिक्त जिलापाल मोनिषा बनर्जी, सुंदरगढ़ उप-जिलापाल बीरसेन प्रधान, पानपोष उप-जिलापाल हिमांशुशेखर बेहेरा उपस्थित थे।

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