संवाद सूत्र, सुंदरगढ़ : सुंदरगढ़ में अपने पदस्थापित होने के बाद से मैंने देखा है कि यहां के लोग शांतिप्रिय होने के साथ उनके दिल में दूसरों के लिए दया व क्षमाभाव भरा है। वह किसी से झगड़ा होने पर भी बड़ी आसानी से उसे माफ कर देते हैं। मुझे सुंदरगढ़ की यही सुंदरता सबसे अधिक प्रभावित करती है। भवानी भवन मैदान में आयोजित सुंदरगढ़ जिला महोत्सव 'जतरा' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि आरक्षी अधीक्षक सौम्या मिश्रा ने ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा की जतरा के दौरान न केवल लोगों ने स्थानीय कला संस्कृति का मजा लिया, बल्कि विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित भी किया। साथ ही दूसरे प्रदेशों की हस्तकला, हस्तशिल्प व अन्य उत्पादों को खरीदने और अपनाने का भी लोगों ने एहसास किया। स्वयं सहायता समूहों को इसमें शामिल होकर अपना रोजगार बढ़ने में मदद भी मिली।

उपजिलाधीश अभिमन्यु बेहरा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में जिला मुख्य चिकित्सा व जनस्वास्थ्य अधिकारी डॉ सरोज कुमार मिश्र, जिला पंचायत अधिकारी बीडी सिंह, सदर प्रखंड विकास अधिकारी अनामिका सिंह सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए। महोत्सव की अंतिम शाम सुंदरगढ़ के वनवासी कल्याण आश्रम, कुम्झारिया के उरांव आदिवासी नृत्य, मयूरी सुंदरगढ़ के संबलपुरी नृत्य, जलडा के कलिका डांस एंड म्यूजिक अकादमी, नटराज कला परिषद् सुंदरगढ़, कोरापुट का दुरुआ, रेढाखोल का ढोल महरी कलापरिषद द्वारा आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। शंकर बेहरा के दल ने संबलपुरी संगीत प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। इस अवसर पर अच्छे प्रदर्शन के लिए विभिन्न समूहों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ चित्रकला प्रदर्शनी व कार्यशाला, हस्तशिल्प व चरुकला प्रदर्शनी, बालुका शिल्प, पुस्तक मेला लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना।

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