संसू, संबलपुर : मानसून से पहले मौसम विभाग द्वारा चलित वर्ष ओडिशा के लिए सामान्य बारिश का पुर्वानुमान किया गया था। ओडिशा के किसान भी इस पुर्वानुमान के बाद बारिश को लेकर आश्वस्त थे। मई में कालबैशाखी की वजह से औसत से अधिक बारिश होने से जहां किसानों को नुकसान हुआ। वहीं मानसून के दौरान अधिक बारिश की संभावना को लेकर सरकार और प्रशासन भी तैयार हो गया। जून में औसत से थोड़ी कम बारिश से ¨चता बढ़ने लगी। लेकिन हद तो जुलाई महीने में हो रही है। ओडिशा के अधिकांश जिलों में छिटपुट बारिश ही हुई है। संबलपुर जिला में जुलाई में औसत 429.5 मिमी बारिश होती है लेकिन 12 जुलाई की सुबह तक 66.38 मिमी बारिश हुई है। इसका असर हीराकुद बांध के जलभंडार पर भी पड़ा है। बांध के ऊपरी मुहाने पर अल्प बारिश और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महानदी पर बैराज निर्माण कर जलप्रवाह रोक देने से हीराकुद बांध के जलभंडार का जलस्तर दिन ब दिन नीचे खिसकता जा रहा है। जलभंडार की क्षमता 630 फीट है जबकि 595 फीट को डेड लेवल बताकर बांध से जल निष्कासन पर पाबंदी लगा दी जाती है। वर्तमान में जलभंडार का जलस्तर डेड लेवल से करीब तीन फीट ऊपर है। बांध नियंत्रण कक्ष के अनुसार, अगले कुछ दिनों के दौरान जलभंडार का जलस्तर नहीं बढ़ा तो ¨सचाई के लिए नहरों में जल निष्कासन और पनबिजली उत्पादन के लिए जलापूíत प्रभावित हो सकती है।

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जलभंडार की स्थिति

- 12 जुलाई : जलस्तर 598.35 फीट ।

- 11 जुलाई : जलस्तर 598.41 फीट ।

- 10 जुलाई : जलस्तर 598.60 फीट।

- 9 जुलाई : जलस्तर 598.83 फीट ।

-7 जुलाई : जलस्तर 599.29 फीट ।

- 6 जुलाई : जलस्तर 599.55 फीट।

Posted By: Jagran