संबलपुर, जेएनएन। भ्रष्टाचार के खिलाफ वर्षो से जारी आंदोलन के बावजूद इसकी जड़े इतनी गहरी है कि उससे बाहर निकालना मुश्किल हो गया। एक पूर्व सरपंच ने अपने इलाके के सहकारी समिति में हुए घोटाले का पर्दाफाश किया तो बदले में घोटालेबाज ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। इस बारे में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद संबद्ध नाकटीदेउल पुलिस ने आरोपित घोटालेबाज और उसके साथियों को गिरफ्तार किया है जबकि कई अन्य अब भी फरार हैं।

घटना संबलपुर जिला के नाकटीदेउल ब्लाक अंतर्गत सालेभट्टा सहकारी समिति में हुए घोटाले की है। इस घोटाले में समिति के तत्कालीन सचिव दशरथ धल का हाथ होने का सबूत मिलने के बाद संबलपुर विजिलेंस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद दशरथ को सचिव पद से निलंबित कर दिया गया था। इस घोटाले का पर्दाफाश सालेभट्टा पंचायत के पूर्व सरपंच परशुराम प्रधान ने किया। उन्होंने सूचना अधिकार कानून के तहत मिली जानकारी विजिलेंस को दी थी और इसी के बाद दशरथ को गिरफ्तार कर निलंबित किया गया था। आरोप है कि इसी को लेकर आरोपी दशरथ पूर्व सरपंच परशुराम से नाराज का और इसका बदला लेने के लिए हत्या की साजिश रची थी।

सोमवार 27 अगस्त की शाम जब पूर्व सरपंच परशुराम अपनी बाइक से अपने गांव चेमेर्डा की ओर लौट रहा था तभी फलसाबुरी गांव के निकट घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर कुल्हाड़ी, डंडे, लोहे के राड से हमला कर दिया। परशुराम जान बचाने के लिए पलसाबुरी गांव के कुबेर साहु के अहाते में घुस गया। हमलावर वहां भी पहुंच गए और हमला कर फरार हो गए। गांव की एक महिला ने यह देख शोर मचा दिया। इस पर गांव वाले जुट गए और परशुराम के परिजनों को घटना की सूचना दी।

गंभीर रूप से घायल परशुराम को इलाज के लिए बुर्ला मेडिकल हास्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परशुराम के पुत्र टुना प्रधान ने इस मामले में दशरथ धल, उसके भाई ऋषि धल, गोविंद धल, उसके भतीजे रतिश धल, राकेश और हास्य नायक को जिम्मेदार बताते हुए नाकटीदेउल थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी के आधार पर पुलिस ने आरोपी गो¨वद धल, हास्य नायक को बुधवार की शाम गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया और इस हत्याकांड में आरोपित मुख्य आरोपी दशरथ धल, ऋषि धल, रतिश धल और राजेश धल की तलाश कर रही है।