संवाद सूत्र, संबलपुर : शहर की जानीमानी डाक्टर और समाजसेवी दीप्तिबाला पटनायक का गुरुवार को भुवनेश्वर के एक अस्पताल में निधन हो गया। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत खराब होने के बाद उन्हें संबलपुर से भुवनेश्वर ले जाया गया था। उनके निधन के बाद, गुरुवार की शाम पुरी के स्वर्गद्वार में उनका अंतिम संस्कार संपन्न रहा। उनका कोई बेटा नहीं होने से बड़े दामाद संतोष प्रधान ने मुखाग्नि दी। डा. दीप्तिबाला के निधन की खबर से संबलपुर में शोक की लहर है और उनके रिश्तेदार, परिचित और रोटरी क्लब के साथी उनसे जुड़ी यादों को ताजा कर रहे हैं। गौरतलब है कि डा. दीप्तिबाला देवगढ़ के पूर्व सासद पतित पावन प्रधान की पत्नी थीं।

कटक जिला के कल्याणपुर में 1939 को पैदा हुईं दीप्तिबाला की कर्मभूमि संबलपुर रही। कटक स्थित श्रीरामचंद्र भंज मेडिकल कॉलेज से वर्ष 1961 में एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने झारसुगुड़ा जिला के ब्रजराजनगर स्थित ईएसआइ अस्पताल से अपना करियर शुरू किया और 1997 तक विभिन्न पदों पर कार्यरत रहीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संबलपुर और सुंदरगढ़ जिला मुख्य चिकित्साधिकारी समेत स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक के पद को उन्होंने अलंकृत किया। डेनमार्क सरकार के कुष्ठरोग निराकरण कार्यक्रम के अलावा वह संबलपुर जिला में मलेरिया निराकरण अधिकारी और संबलपुर जिला रेडक्रास सोसाइटी के उपाध्यक्ष भी रहीं।

सासद पति पतित पावन प्रधान के निधन के बाद डा. दीप्तिबाला स्थानीय साक्षीपाड़ा स्थित अपने आवास में प्रतिवर्ष ईद के अवसर पर ईद मिलन का आयोजन भी करती थीं। रोटरी क्लब और अन्य कई सामाजिक संगठनों के साथ जुड़कर वह गरीबों की सेवा और सहायता भी करती थीं।

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