संसू, संबलपुर : पश्चिम ओडिशा के महान लोक पर्व नुआंखाई को लेकर तैयारी अंतिम चरण में है। आराध्य देवी मां समलेश्वरी मंदिर का रंग रोगन करने सहित मंदिर को सजाया जा रहा है। साथ ही आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। नुआंखाई के दिन मां समलेश्वरी को नवान्न भोग अर्पित करना पड़ता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार के दिन बलबसपुर गांव के किसान सुभाष बेहरा ने अपनी खेत में मां समलेश्वरी के नवान्न भोग के लिए धान लाकर मंदिर के मुख्य पुजारी अंबिका राय के हाथ में सौंपा। सुभाष पिछले कुछ साल से विशेष धान उगाते है। जो नुआंखाई के नवान्न भोग के लिए मां समलेश्वरी मंदिर के पुजारी को सौंपा जाता है। यह धान 60 दिनों में पक जाती है। इसे उगाने के लिए जैविक खाद्य का उपयोग किया जाता है। धान फसल पकने के बाद खेत में आराध्य देवी-देवताओं की पूजा अर्चना करने के बाद धान काटने के बाद मां समलेश्वरी के लिए नवान्न भोग बनाया जाता है। मंदिर के अन्य पुजारियों के लिए अलग-अलग स्थानों से नवान्न के लिए धान पहुंचाया जाता है।

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