संसू, ब्रजराजनगर : श्री राणीसती दादी समिति ब्रजराजनगर द्वारा अग्रसेन भवन परिसर में चार सितंबर से जारी श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का समापन सोमवार की शाम सुदामा चरित्र की कथा के साथ हुआ। इस दौरान व्यासपीठ पर विराजमान मथुरा से आए कथावाचक पंडित ब्रजबिहारी दीक्षित ने वामनावतार, जड़ भरत, राम जन्म, श्रीकृष्ण जन्म, नंद महोत्सव, कृष्ण की बाल लीला, गोवर्धन पूजा, कृष्ण रुक्मिणी विवाह के उपरांत सोमवार शाम को भगवान श्रीकृष्ण एवं उनके बाल सखा सुदामा की मित्रता की कथा सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। अंतिम दिन पंडितजी ने बताया कि जहां मित्रता है वहां गरीब-अमीर का भेद-भाव नहीं रहता है। अत्यंत निर्धन होने के बावजूद जब सुदामा भगवान कृष्ण के महल पहुंचते है तो उनका दशा देख कर कृष्ण की आंखों में आंसू आ जाते है। अपनी रानियों के साथ सुदामा के पांव धोकर कृष्ण ने अपने बाल सखा के प्रति आदर भाव प्रदर्शित करते हुए सच्ची मित्रता का भाव प्रदर्शित किया। कृष्ण ने विश्वकर्मा को आदेश देकर सुदामा के गांव में महल बनाया। पाठ समाप्ति के बाद मंगलवार के दिन हवन एवं शाम को भंडारा का आयोजन किया गया। कथा के दौरान प्रदर्शित जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन समिति की अध्यक्ष शारदा अग्रवाल, सचिव भगवती गोयल सहित सभी सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई।

Posted By: Jagran