संवाद सूत्र, राउरकेला : राणी सती सेवा ट्रस्ट की ओर से शहर एवं आसपास के लोगों को सुविधा मुहैया कराने के लिए मंदिर परिसर में नारायणी फिजियोथैरेपी सेंटर का लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि एसडीपीओ मानस रंजन प्रधान मौजूद थे। उन्होंने बीरमित्रपुर जैसे शहर में इस तरह के सेंटर की निहायत जरूरी होने तथा इसका लाभ लोगों को मिलने की आशा प्रकट की। राणी सती सेवा ट्रस्ट के प्रमुख गोपाल तुलस्यान के प्रयास से मंदिर परिसर में रविवार को इस केंद्र का लोकार्पण किया गया। डा. शुभाशीष मल्लिक के द्वारा यहां मरीजों की फिजियोथैरेपी की जाएगी। मस्क्यूलर चोट, अर्थराइटिस दर्द, स्पो‌र्ट्स फिजियोथैरेपी, प्रिनेंटल व पोस्टनेटल केयर, कार्डियो रिस्पीटेरोरी केयर आदि कसरत यहां कराए जाएंगे। दुर्घटना एवं अन्य कारणों से शरीर में उत्पन्न शारीरिक समस्या को दूर करने में यह केंद्र मददगार साबित होने की आशा प्रकट की गई। इस मौके पर बीरमित्रपुर सरकारी अस्पताल के डा. अंशुमान दास, डा. बसंत अग्रवाल, ट्रस्ट के मोहन दोदराजका, जगदीश अग्रवाल, सहायक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मोहन कुमार, मूलचंद सेठ समेत अन्य लोग शामिल थे। राउरकेला में बाल श्रमिकों से लिया जा रहा काम : स्मार्ट सिटी राउरकेला में अब भी बाल मजदूरी खुले आम जारी है। शहर के विभिन्न होटल, ठेला, पड़ा दुकान, शोरूम, रेस्टोरेंट समेत अन्य विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठान व गैरेज में आज भी बाल मजदूर काम करते देखे जा रहे हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा मौन रहना समझ के परे है। जानकारों की माने तो बड़ों को काम पर रखने से अधिक पैसा देना पड़ता है। इस कारण शहर के विभिन्न दुकानदार नाबालिगों को काम पर रखते हैं जिससे उनका काम कम पैसे में निकल जाता है और बच्चों से काम भी अधिक हो जाता है। इस दिशा में सरकारी अधिकारी इन जगहों पर काम करने वाले बाल मजदूरों को ले जाने के साथ इनके परिवार वालों को सौंप देते है। लेकिन इनके परिवार के भरण-पोषण के लिए कोई व्यवस्था नही करते है। इस कारण मजबूरी में इन नाबालिगों को परिवार चलाने के साथ अपना पेट भरने के लिए विभिन्न दुकानों, ठेला और गैरेज में काम करते है। इन बाल मजदूरी करने वाले नाबालिगों के लिए सरकार और जिला प्रशासन की ओर से अलग से काम या किसी प्रकार की योजना बना कर इनको उक्त योजना में शामिल किए जाने की मांग की जा रही है।

Edited By: Jagran