जागरण संवाददाता, राउरकेला: पश्चिम ओडिशा का लोकपर्व नुआखाई शुक्रवार को सोल्लास मनाया गया। मां समलई व इस्ट देवी देवताओं को नए अनाज का भोग चढ़ाने के बाद खुद इसका सेवन किया। संयुक्त परिवार की परंपरा व महत्व को बतलाने वाले इस पर्व पर लोग एक साथ भोजन बनाकर इसका सेवन करने के साथ ही बड़ों का पांव छूकर आशीर्वाद लिया तथा एक दूसरे को इस पावन दिन पर शुभकामनाएं दी।

पश्चिम ओडिशा में नुंआखाई का पर्व श्रद्धा से मनाई जाती है। संबलपुर में मां समलेश्वरी को नए अनाज का प्रसाद चढ़ाने के साथ ही इसकी शुरुआत की जाती है। राउरकेला शहर में भी इस परंपरा को बरकरार रखते हुए सेक्टर-6 मां समलेश्वरी शक्तिपीठ में राउरकेला युवा शक्ति एवं मां समलेश्वरी कमेटी की ओर से पूजा अर्चना की गई। यहां नए अनाज का प्रसाद चढ़ाने के बाद लोग प्रसाद ग्रहण किया। यहां व्यासदेव नाथ की अध्यक्षता में समारोह का आयोजन हुआ जिसमें बतौर अतिथि पूर्व नगरपाल रमेश बल, प्रसन्न त्रिपाठी, सत्यानंद बेहरा, हरि राउतराय, पीतवास मिश्र, अजय कंसारी, केएन चौबे, आनंद बाग, सामुएल बाग आदि लोग मौजूद थे। समलेश्वर मंदिर में मिला प्रसाद लेकर लोग अपने-अपने घर जाकर वहां बने प्रसाद में समलेश्वरी मंदिर का प्रसाद मिलाया एवं उसे अपने परिवार वालों के बीच बांटा। नुआखाई का नए अन्न का प्रसाद अन्य परिवार के सदस्यों को देना वर्जित होता है। नुंआखाई का उत्सव बिरजापाली, मालगोदाम, सेक्टर-16, सेक्टर-6 झोपड़ी बस्ती, नया बाजार, ¨टबर कॉलोनी एवं अन्य क्षेत्रों के पश्चिम आडिशा वासी परिवारों में श्रद्धा के साथ मनाया गया। मां समलेश्वरी व ईष्ट देवताओं से साल भर परिवार को सुख व शांति से रखने की कामना की।

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