जागरण संवाददाता, राउरकेला : सुंदरगढ़ जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रेफरल पत्र एवं बीजू स्मार्ट स्वास्थ्य कार्ड लेकर स्तन कैंसर के इलाज के लिए भुवनेश्वर गई पांडेरपाली गांव की चंद्रकांति नायक को वहा के निजी अस्पातल से इलाज के बगैर लौटना पड़ा था। जांच व डाक्टर की फीस के रूप में 26 हजार रुपये भी जमा करने पड़े थे। यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। ओडिशा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से इसकी जांच शुरू करने के साथ ही महिला का इलाज कराने एवं जमा राशि वापस कराने की प्रक्रिया शुरू होने की बात जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सरोज कुमार मिश्र ने कही है।

बीजू स्मार्ट स्वास्थ्य कार्ड एवं जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी का रेफरल पत्र लेकर बीते 21 सितंबर को चंद्रकांति नायक इलाज के लिए भुवनेश्वर के निजी अस्पताल में गई थी। दस्तावेज एवं कार्ड होने के बावजूद इलाज नहीं होने व महिला के घर वापस लौटने की जानकारी मिलने के बाद ओडिशा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक शालिनी पंडित ने इसके जांच के निर्देश दिए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से हेमगिर ब्लाक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी डा. शक्ति प्रसाद नाथ के द्वारा पांडेरपाली गांव जाकर महिला एवं उसके परिवार वालों से संपूर्ण तथ्य संग्रह किया गया। बीजू स्वास्थ्य कार्ड होने के बावजूद जांच व चिकित्सक की फीस के एवज में 26 हजार रुपये लेने की जानकारी टीम को दी गई। रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कदम उठाया जा रहा है। कैंसर से पीड़ित महिला को सोमवार को इलाज के लिए भुवनेश्वर भेजने एवं इससे पहले इलाज में हुआ खर्च उसे वापस दिलाने की बात जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सरोज कुमार मिश्र ने कही है। बीजू स्वास्थ्य कल्याण कार्ड पर सुविधा मिल रही है पर निजी अस्पताल के साथ समन्वय नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न होने की बात उन्होंने कही। बीजू स्वास्थ्य कल्याण कार्ड को लेकर आने वाले समय में असुविधा न हो इस पर ध्यान देने की बात उन्होंने कही। 21 सितंबर को महिला को सुंदरगढ़ से इलाज के लिए भुवनेश्वर के निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था पर वहां सुविधा नहीं मिल पायी थी।

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