जागरण संवाददाता, राउरकेला : झांसा देकर मां से बैंक पासबुक, आधार कार्ड, राशन कार्ड लेने तथा दस्तावेज पर टीप चिन्ह लेकर विवाहित बेटी ने अपने एकाउंट से 32 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। पीडिता काइंता तांडिया के द्वारा थाने में बेटी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। वृद्धा अब थाना और बैंक का चक्कर काट रही है।

सदर थाना अंतर्गत कोपसिंहा गांव की काइंता तांडिया के अनुसार, भेड़ाबहाल में उच्च क्षमता वाले ताप बिजली परियोजना (यूएमपीपी) की स्थापना की जा रही है। इसके लिए उनके दिवंगत पति क्षीरधर तांडिया की 12.50 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया। इससे मिली राशि का हिस्सा काइंता, बड़ी बेटी सूर्यकांति, मझली बेटी संगीता, सौतन विष्णुप्रिया, उनकी दो बेटी संयुक्ता एवं कुकुर्ता को मिला था। इसके काइंता को एक हिस्सा 35 लाख रुपये मिले थे। नवंबर 2017 में उसने पंजाब नेशनल बैंक के अपने एकाउंट में यह राशि जमा की थी। इस बीच मझली बेटी सुरभि और उसके दामाद बंशीधर उसे पीतावालिया स्थित अपने घर में ले गए। वहां उसके साथ अच्छा व्यवहार किया गया एवं झांसा देकर उसके बैंक पासबुक, आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं दस्तावेज पर टीप चिन्ह ले लिया एवं अपने एकाउंट में 32 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब काइंता ने अपने दस्तावेज मांगे तो बेटी सुरभि व दामाद उससे उलझ गए। दबाव डालने पर बेटी सुरभि ने मां को पासबुक लौटाई। बड़े दामाद के साथ जब काइंता बैंक जाकर अपना बैलेंस चेक किया तो पता चला कि उसके खाते से 32 लाख रुपये सुरभि के खाते में ट्रांसफर किया गया है। इस बात को लेकर गांव में बैठक बुलाई गई जिसमें सुरभि ने पैसा वापस करने का भरोसा लिखित रूप से दिया था। बाद में उसने काइंता को केवल ढाई लाख रुपये दिए और मां से बातचीत करना बंद कर दिया। बाकी रकम देने का वह नाम नहीं ले रही है। हार कर वृद्धा काइंता ने थाने में अपनी बेटी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

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