जागरण संवाददाता, राउरकेला : झारसुगुड़ा एयरपोर्ट का काम पूरा होने के बाद अब यहां विमानों के उतरने का सिलसिला जारी है। अब इसका उद्घाटन 22 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसके विपरीत राउरकेला से विमान सेवा शुरू होने की केवल पिछले एक साल में तीन तारीख घोषित होकर फेल हो चुकी है। राउरकेला एयरपोर्ट की मौजूदा स्थिति पर कोई बात तक करने को तैयार नहीं है। हालत यह है कि यहां कछुआ गति से काम कराया जा रहा है। इसके पूरा होने की कोई समय सीमा तय नहीं है।

यहां से विमान सेवा शुरू कराने की मांग काफी पुरानी है और औद्योगिक, शैक्षणिक व व्यावसायिक ²ष्टिकोण से इसे काफी पहले शुरू हो जाना चाहिए था।

यहां से विमान सेवा शुरू करने की अब तक तीन तारीख घोषित हो चुकी हैं हर बार उम्मीद जगी पर सब फेल रही। इसके लिए अलग-अलग अड़चन बताई गई। हर बार तारीख घोषित करने पर पहले अड़चन दूर करने का दावा भी किया गया। पर कभी दूर नहीं की जा सकी।

मौजूदा स्थिति की बात करें तो एयरपोर्ट के विकास का काम ही चल रहा है। विमान अवतरण स्थल पर एक फ्यूल स्टेशन, रनवे, टर्मिनल, वीआइपी लाउंज, सुरक्षा द्वार आदि काम हुआ है। बुनियादी ढांचे में इस विकास के बाद सेल व एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के बीच हुए एमओयू से लग रहा था कि इस बार सेवा सही में शुरू हो जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

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राउरकेला चैंबर ऑफ कामर्स बीस साल से विमान सेवा शुरू कराने को प्रयासरत है। इसके लिए हमने अपनी ओर से यह भी आश्वस्त किया था कि उद्योग जगत विमान की सीटों की बु¨कग रखेगा। साथ ही बड़े संस्थान जैसे राउरकेला इस्पात संयंत्र, एमसीएल, ओसीएल, एनआइटी से भी बातचीत कर कुछ सीटों की बु¨कग रखने का निवेदन किया गया था। जिसे उन्होंने माना भी। केंद्र व राज्य सरकार के पास लगातार चक्कर काटने के बावजूद अब तक इसके पूरा नहीं होने से निराशा हो रही है।

- शुभ पटनायक, अध्यक्ष, राउरकेला चैंबर ऑफ कामर्स।

Posted By: Jagran