जागरण संवाददाता, राउरकेला: दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल डिवीजन के अंतर्गत राउरकेला स्टेशन में मंगलवार को एक साथ 40 लोको पायलट बीमार होने की सूचना चर्चा का विषय बन गई है। इन पायलटों ने सीनियर डिवीजनल आपरेटिग मैनेजर, (डीओएम) पर मनमानी का आरोप लगाते हुए एक साथ सिक (बीमार) मारकर अनोखे अंदाज में विरोध जताया है। सभी पायलट इंजन या ट्रेन के स्थान पर राउरकेला से किसी अन्य स्टेशन तक जीप से जाने का निर्देश कार्यकारी करने का विरोध कर रहे थे। बाद में सीनियर डिवीजनल इलेक्ट्रीकल इंजीनियर ने ऑल इंडिया लोको रनिग स्टाफ एसोसिएशन (एआइएलआरएसए) के पदाधिकारियों से बातचीत करने तथा इसका समाधान कर उचित पहल का भरोसा दिया तब यह मामला शांत हुआ।

ऑल इंडिया लोको रनिग स्टाफ एसोसिएशन का आरोप है कि चक्रधपुर डिवीजन के नए सीनियर डिवीजनल आपरेटिग मैनेजर (डीओएम) ने लोको पायलट के लिए नया निर्देश जारी किया गया है। जिसके अनुसार यदि किसी ट्रेन को कलुंगा, कांसबाहाल या राजगांगपुर से राउरकेला लाकर यहां से आगे ले जाना है तो लोको पायलट इंजन या ट्रेन से वहां जाने के बजाय जीप से सड़क मार्ग से उक्त स्टेशनों तक जाएंगे तथा ट्रेन को लेकर राउरकेला आएंगे। इसके बाद ट्रेन को लेकर आगे रवाना होंगे। लोको पायलटों ने यह व्यवस्था उपयुक्त न होने पर विरोध किया था। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद एसोसिएशन के बैनर तले करीब 40 लोको पायलट ने मंगलावार को एक साथ सिक मार दिया यानि बीमार होने की अर्जी दे दी। इसका पता चलने के बाद रेल प्रशासन तुरंत हरकत में आया। जिससे डिवीजनल इलेक्ट्रीकल इंजीनियर ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बातचीत की थी। जिसमें आगामी तीन-चार दिन में सीनियर डीओएम समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बातचीत के माध्यम से इसका समाधान करने का भरोसा दिया गया। जिसके बाद ही लोको पायलट ने सिक की अर्जी वापस ले ली तथा अपनी-अपनी ट्रेन लेकर यहां से आगे के लिए रवाना हुए।

Posted By: Jagran

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