जासं, पुरी : सुप्रीमकोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई कर श्रीमंदिर में गैर ¨हदू प्रवेश के संबंध में विचार करने कहा है। इसे लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। सुप्रीमकोर्ट के इस प्रस्ताव का विश्व ¨हदू परिषद (विहिप) ने विरोध किया है। शनिवार को पुरी में पत्रकारों से बातचीत में विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. बद्रीनाथ पटनायक ने कहा है कि श्रीमंदिर मामले में सुप्रीमकोर्ट की राय का परिषद स्वागत करता है। लेकिन श्रीमंदिर में गैर ¨हदू प्रवेश को लेकर जो विचार रखा गया है, उसका हम विरोध करते हैं। इस पर पुन: विचार नहीं किया गया तो परिषद सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। डॉ. पटनायक ने कहा कि पुरातन काल से चली आ रही प्रथा एवं परंपरा से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। करोड़ों ¨हदू भक्तों की भावना के साथ राजनीतिक खेल नहीं खेला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीमंदिर में सेवायतों के द्वारा जबरन दान, दक्षिणा लेने जैसी प्रथा को बंद करना, मंदिर परिसर में सफाई बनाए रखने के लिए शीर्ष अदालत का निर्देश स्वागतयोग्य है। श्रीमंदिर में सेवायतों के लिए विशेष परिचयपत्र प्रदान करने के साथ उनके द्वारा चलाए जा रहे वंशानुक्रमिक सेवा में बदलाव लाकर सेवायत नियुक्त करना उचित है मगर इससे पहले सेवायतों को उपयुक्त न्याय देते हुए सरकार द्वारा उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास तथा दैनिक रहन सहन की सुव्यवस्था की जानी चाहिए।

Posted By: Jagran