पुरी, जेएनएन। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन पवित्र स्नान से महाप्रभु जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र जीबुखार से पीड़ित होने के बाद 15 दिन तक अणसर गृह में इलाज के बाद स्वस्थ हो गए। इतने दिन तक भक्त उनका दर्शन नहीं कर पाए थे।

 स्वस्थ होने के बाद शुक्रवार को महाप्रभु समेत तीनों विग्रहों ने नवयौवन वेश में अपने भक्तों को दर्शन दिया। इसके बाद शनिवार को महाप्रभु श्रीमंदिर से बाहर निकल कर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। साथ ही स्वास्थ्य लाभ के लिए गुण्डिचा यात्रा पर अपनी मौसी के घर जाएंगे। महाप्रभु के नवयौवन वेश का दर्शन करने के लिए पुरी में लाखों की संख्या में भक्त पहुंचे और उन्होंने भगवान समेत तीनों विग्रहों का दर्शन लाभ लिया। महाप्रभु के दर्शन के लिए श्रीमंदिर के मुख्यद्वार पर भक्तों की लंबी कतार सुबह से लग गई थी। प्रशासन ने कतार में खड़े भक्तों को बारी-बारी से छोड़ा। इस मौके पर पूरा बड़दाड (मंदिर के सामने का चौड़ा मार्ग) भक्तों के समागम से पट गया था। 

गौरतलब है कि राउरकेला शहर एवं आसपास के इलाके में 40 से अधिक स्थानों से 14 जुलाई को प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी। इससे पहले विभिन्न व्यवस्था को लेकर गुरुवार को नगर निगम  आयुक्त रश्मिता पंडा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें विभिन्न मंदिर कमेटियों से सुझाव मांगे गऐ। जिस पर सीवरेज बोर्ड द्वारा शहर में गड्ढे खोदे जाने से सड़क की बदहाली पर चिंता प्रकट की गई। प्रशासन ने इसे दुरुस्त करने का भरोसा दिया। इसके अलावा रथयात्रा से दो दिन पहले शराब की बिक्री पर रोक लगाने, अपराध नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक करने, यात्रा मार्ग पर झूलते बिजली के तारों को ठीक करने, मंदिर कमेटी से स्वयंसेवकों की सूची सौंपने, रथयात्रा पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस बल तैनात करने तथा अपराधियों पर नजर रखने के लिए बाइक पेट्र्रोंलग, पानी, प्रकाश, एंबुलेंस आदि की व्यवस्था पर चर्चा की गई।

Posted By: Babita