जेएनएन, भुवनेश्वर/पुरी : शांतिपूर्ण तरीके से रथयात्रा संपन्न हो जाने के बाद सभी की निगाहें अब महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की बाहुडा यात्रा पर टिक गई हैं। साधारण प्रशासन से लेकर श्रीमंदिर प्रशासन और छत्तीसा नियोग की बैठकों का दौर जारी है। शुक्रवार को श्रीमंदिर परिचालन कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश कुमार महापात्र की अध्यक्षता में छतीसा नियोग की बैठक में निर्णय लिया गया कि बाहुड़ा यात्रा निर्विघ्न रुप से संपन्न होगी।

सुप्रीमकोर्ट के निर्देशानुसार बाहुड़ा यात्रा, सोनावेश, अधरपणा और नीलाद्री बिजे नीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस बीच सेवायतों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पुरी में 3 केंद्र बनाए गए हैं। जहां सेवायत एवं उनके परिजनों की जांच के साथ उनका डाटा लिया जाएगा। हर सेवायत के परिजनों को मास्क, सैनिटाइजर आदि देने का निर्णय प्रशासन ने लिया है।

पुरी के जिलाधीश बलवंत सिंह ने बताया कि रथयात्रा के उपरांत 5000 लोगों के एंटीबॉडी टेस्ट कराए जाएंगे। नीलाद्री बिजे के बाद भी 15 दिनों तक सेवायतों के परिजनों को निगरानी में रखा जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि बाहुड़ा यात्रा के दौरान केवल बड़दांड के दोनों तरफ बने आवासों के लोग ही अपनी बालकनी अथवा झरोखों के जरिए रथ देख सकते हैं। किसी को भी सड़क पर आने की अनुमति नहीं होगी। बाहर के लोगों को पुरी आने की मनाही पहले की तरह रहने वाली है। केवल इतना ही नहीं ड्यूटी के नाम पर बाहरी जिले के पुलिस बल को भी पूरी पाबंदी होगी। ये सारी पाबंदियां 4 जुलाई नीलाद्री बिजे तक रहने वाली हैं।

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