पुरी : भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी श्रीक्षेत्र के आध्यात्मिक वातावरण में उत्साह के साथ विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। दशहरा के उपलक्ष्य में पूरा श्रीक्षेत्र उत्सव से मुखर बन गया था। घर घर मेंहिन्दुओं ने विधि के मुताबिक दशहरा पर्व पर पूजा-अर्चना की। विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में पूजा-पाठ की गई। दशहरा के उपलक्ष्य में श्रीक्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी विमला के प्रतिनिधि के रूप में चर्चित काकुड़ीखाई ठकुराइन के पूजा मंडप में भक्तों की भीड़ लगी थी। विभिन्न देवी मंदिरों में भक्तों का समागम देखने लायक था। लाखों श्रद्धालु श्रीमंदिर में देवी विमला, मां भुवनेश्वरी और बट मंगला के दर्शन किए हैं। इस अवसर पर वाहनों का भी पूजन किया गया। यान वाहनों को मां काली के प्रतीक के रूप में पुष्पमाल्य में विभूषित किया गया। दशहरा के अवसर पर श्रीक्षेत्र के प्रख्यात शक्तिपीठ दक्षिण काली मंदिर में देवियों को अपराजिता वेष में सजाया गया था।

शास्त्रीय मतानुसार असत्य पर सत्य और अधंर्म पर धर्म के विजय की खुशी ही विजयादशमी का उद्देश्य है। इसी दिन जगत जननी देवी दुर्गा ने दुराचारी राक्षस महिषासुर का वध किया था। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीरामचंद्र द्वारा लंका नरेश दशानन रावण का वध किया गया था।

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