पुरी, जागरण संवाददाता :

उत्कल गौरव मधुसूदन दास एक निष्ठापूर्ण और सच्चे सपूत हैं। ओड़िया जाति उनके जीवन आदर्श से प्रेरित होकर ओड़िशा के स्वाभिमान और गौरव को बनाए रखने लिए प्रयास करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 40वें संकल्प दिवस समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने यह मतदान करते हुए उत्कल गौरव मधुसूदन दास के 164वें जयंती के अवसर पर जिलाधीश सम्मेलन कक्ष में आयोजित संकल्प दिवस और श्रीक्षेत्र श्री प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए थे। मधु बाबू के राष्ट्र प्रेम व जीवनी पर चर्चा कर उनकी याद में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में योगदान किए थे ओडिशा हाईकोर्ट के मान्यवर विचारपति न्यायमूर्ति विजय कुमार नायक, वित्त विभाग के उप शासन सचिव डॉ सिद्धार्थ कानूनगो मुख्य वक्ता और राज्य काजू उन्नयन निगम के अध्यक्ष विक्रम केशरी वर्मा सम्मानित अतिथि के रूप में भाग लिए थे। जयंती कमेटी के अध्यक्ष चित्तरंजन मिश्र समारोह में अध्यक्षता किए थे। स्वागत भाषण डॉ कैलाश चंद्र टिकायत राय ने दिया। साहित्यिक नित्यानंद महापात्र के वियोग में इस अवसर पर मौन प्रार्थना की गई। जंयती कमेटी के संपादक श्रीकान्त महान्ति समारोह परिचालन किए थे। इस अवसर पर स्वाधीनता संग्रामी कानूनजीवी पूर्व केन्द्र मंत्री विभुधेन्द्र मिश्र, शिक्षाविद उपेन्द्र मिश्र, नाट्यकार गोपीनाथ महापात्र, साहित्यिक गंगाधर मिश्र, महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के प्रमुख सेवायत भीतरछ मधुसूदन महापात्र को मरणोत्तर श्रीक्षेत्र रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा साहित्य के क्षेत्र में मीनती पटनायक संगीत के लिए नलिनी कान्त नायक, नृत्य के लिए चन्द्रिका रणा, नाट्य कला के लिए संतोष कुमार महान्ति, चारू कला के लिए विवेक दास, खेल के लिए अनिल गोच्छिकार, संगठन के लिए स्वाधीन कुमार पण्डा, सेवा के लिए उधव कुमार साहू को श्रीक्षेत्र श्री सम्मान प्रदान किया गया।

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